नई दिल्ली : सरकार और किसानों के बीच 9वें दौर का बैठक शुरू होने में महज कुछ ही घंटे शेष है। इसे लेकर सभी किसान नेता विज्ञान भवन पहुंच चुके है, जहां सरकार और किसानों के बीच 9वें दौर का वार्ता शुरू होगा। हालांकि इस बातचीत के क्या नतीजे निकलेंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता । लेकिन जिस प्रकार इस बैठक से पहले किसान नेता और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री के बयान सामने आ रहे है, उससे ये समझा जा सकता हैं कि इस दौर का बैठक भी काफी गर्माहट भरा रहेगा।
बैठक से पहले किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कानून संसद लेकर आई है और ये वहीं खत्म होंगे। कानून वापस लेने पड़ेंगे और MSP पर कानून लाना पड़ेगा। वहीं किसान नेता के इस बयान पर केंद्रीय कृषि राज्य़ मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि किसान यूनियन के नेता सुप्रीम कोर्ट से भी बड़े हो रहे हैं। मंत्री जी ने लगातार 8 दौर की वार्ता की, गृहमंत्री जी लगातार उनके संपर्क में हैं, प्रधानमंत्री जी ने भी आश्वासन दिया है, कोर्ट ने कानूनों पर रोक लगा दी है। यह उनकी जिद है वे इसे छोड़ें।
गौरतलब है कि एक तरफ जहां किसान नेता अपनी मांगो को लेकर अपने जिद्द पर अड़े हुए हैं तो वहीं सरकार अब सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ लगातार वार्ता का उदाहरण दे रही है। सरकार का कहना है कि किसानों के इन समस्याओं का हल कब का निकल गया होता, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं है और अपने जिद्द पर अड़े है। हालांकि सरकार ने यह भरोसा जताया है इस बैठक में किसानों के हर समस्याओं का समाधान निकलेगा औऱ यह बैठक सफल रहेगा।