नई दिल्ली : भैंस चराने गई एक महिला पर अज्ञात हमलावरों ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। यहीं नहीं उसके पैरों को भी काटकर चांदी के पायल चोरी कर ली। आपको बता दें कि यह चौंकाने वाला मामला राजस्थान की राजधानी जयपुर का है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं पुलस की 30 टीमें उन आरोपियों की तलाश कर रही है।
आपको बता दें कि महिला की हत्या के बाद ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं और शव की अंत्येष्टि से इनकार कर दिया है। जयपुर ग्रामीण एसपी शंकर दत्त शर्मा ने बताया कि महिला पर अज्ञात हमलावरों ने उस वक्त हमला किया, जब वह भैंस चराने गई थी। पुलिस ने बताया कि हमलावर महिला के पैरों को काटकर उसकी चांदी की पायल भी चुराकर ले गए। पुलिस को शुरूआती जांच में यह लूट की वारदात लग रही है। पुलिस की 30 टीमें हमलावरों की तलाश कर रही हैं।
बता दें कि गुस्साए ग्रामीण आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने, मुआवजा और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। आपको बता दें कि 55 वर्षीय मृतक महिला की पहचान गीता देवी के रुप में हुई है।ग्रामीण शव को वहां से हटाने नहीं दे रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि हम ग्रामीणों और परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
महिला अपराध में राजस्थान अव्वल है
इस बीच, बीजेपी के राज्यसभा सदस्य किरोड़ीलाल मीणा ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को संबोधित करते हुए ट्वीट किया कि, ‘आपको महिलाएं उत्तर प्रदेश में ही असुरक्षित लग रही हैं। शर्मनाक तथ्य यह है कि देशभर में महिला अपराध में राजस्थान अव्वल है।’ मीणा ने आरोप लगाया कि राज्य के मुखिया महिला सुरक्षा को नजरंदाज कर केवल आपके यशोगान में व्यस्त हैं।
प्रियंका गांधी जी आपको महिलाएं यूपी में ही असुरक्षित लग रही हैं। शर्मनाक तथ्य यह है कि देशभर में महिला अपराध में राजस्थान अव्वल है। प्रदेश के मुखिया महिला सुरक्षा को नजरंदाज कर केवल आपके यशोगान में व्यस्त है।
प्रकाशित खबर…@PMOIndia @AmitShah @blsanthosh pic.twitter.com/0bVOmWZqDl— Dr.Kirodi Lal Meena (@DrKirodilalBJP) October 20, 2021
वहीं, बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजयवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि राजस्थान में ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं और उन्हें छुपाया जाता है ताकि यह मीडिया में न आए। अपराधियों का हौंसला इतना बढ़ गया है कि पुलिस का कोई डर नहीं है। उन्हें सिर्फ मंत्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है। कांग्रेस सरकार खुद को बचाने में लगी है।