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दिल्ली में बारिश ने तोड़ा पिछले 45 सालों का रिकॉर्ड, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, ‘ताउते’ के बाद एक और खतरे की आहट

By: Amit ranjan 
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दिल्ली में बारिश ने तोड़ा पिछले 45 सालों का रिकॉर्ड, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, ‘ताउते’ के बाद एक और खतरे की आहट

नई दिल्ली : अरब सागर में उठी ताउते तूफान का असर दिल्ली, यूपी समेत देश के कई राज्यों में देखने को मिला। इसे लेकर मंगलवार रात से शुरू हुई हल्की बारिश ने बुधवार को मूसलाधार वर्षा का रूप ले लिया। जिससे देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 45 सालों का रिकॉर्ड टूट गया और लू के मौसम में सड़कें लबालब हो गई। आपको बता दें कि खराब मौसम को देखते हुए कल मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में मई के महीने में एक दिन में 45 साल बाद इतनी बारिश हुई है। ताउते तूफान और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 24 घंटे में दिल्ली के सफदरजंग में 118.9 मिलीमीटर और पालम में 57.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। बता दें कि इससे पहले 24 मई 1976 को चौबीस घंटे में 60 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

यही नहीं, मई के तापमान ने तो करीब 70 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। कल दिल्ली में अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये सामान्य से 16 डिग्री कम है। 1951 के बाद मई में पहली बार इतना कम अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग का कहना है कि अभी दिल्ली में भारी बारिश की संभावना कम है।

आपको बता दें कि दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। बता दें कि उत्तराखंड के केदारनाथ धाम सहित पूरे रुद्रप्रयाग जनपद में दो दिनों से भारी बारिश जारी है। केदारनाथ की चोटियों पर बर्फबारी भी जारी है। इस वजह से रुद्रप्रयाग जनपद में ठंड का अहसास होने लगा है। भारी बारिश को लेकर केदारनाथ में चल रहे सभी पुनर्निर्माण कार्य को बंद किया गया है।

एक और नया खतरा दे रहा दस्तक

ताउते के खतरा टलने के बाद पूर्व से एक और नया खतरा दस्तक दे रहा है। इसे लेकर विभाग द्वारा बंगाल की खाड़ी में एक नए तूफान को लेकर चेतावनी दी गई है। आपको बता दें कि इस तूफान का नाम यास है, जिसके निशाने पर खासतौर पर ओडिशा और पश्चिम बंगाल हैं। यास नाम का ये तूफान ताउते से शक्तिशाली है या फिर कमजोर? इस सवाल का जवाब मौसम विभाग जल्द देगा।

बता दें कि इस बार नए तूफान का संकट ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर है। 22 मई से पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने लगेगा, जिसके बाद ये एक चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। इस नए तूफान के 25-26 मई को बंगाल की खाड़ी से टकराने जा रहा है। आशंका है कि 27 तारीख को ये ओडिशा के चांदीपुर में टकरा सकता है। आपको बता दें कि इसका असर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के आस-पास के कई क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा। इसे लेकर बारिश होने के साथ ही तूफान और तेज हवाएं आने की भी आशंका है।

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