गोरखपुर, 4 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस, सपा सहित पूरा इंडी गठबंधन भारत की विकास व आत्मनिर्भरता की यात्रा में लगातार रोड़े अटका रहा है। कांग्रेस और उसका इंडी गठबंधन दिल्ली में अराजकता पैदा कर लोकतंत्र के लिए खतरा बना हुआ है। राहुल गांधी फुस्स रॉकेट हैं, जिनका बारूद खत्म हो चुका है, सिर्फ धुआं बचा है। कांग्रेस चाहे जितनी बार उन्हें लॉन्च कर ले, अब वह लॉन्च नहीं होने वाले।
सीएम योगी बुधवार को गोरखपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अगुवाई में निकाली गई ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा शुरू करने से पहले महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने श्री नबीन का बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरक्षधरा में प्रथम आगमन पर भावपूर्ण स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस, सपा और इंडी गठबंधन के दल अगर चुनाव जीतते हैं तो परिणाम उनका पुरुषार्थ होता है। और, यदि जनता उनके नकारेपन के कारण जवाब दे देती है, वे हार जाते हैं तो ईवीएम पर दोष थोपना उनकी प्रवृत्ति बन गई है।
सीएम योगी ने कहा कि एसआईआर की कार्यवाही पहली बार देश में नहीं हुई है। अलग-अलग समय में और ज्यादातर कांग्रेस पार्टी के समय में भी मतदाता सूची पुनरीक्षण की कार्यवाही हुई। कांग्रेस के समय मतदाता सूची का पुनरीक्षण होता था तो वे इसका समर्थन करते थे। और, आज बांग्लादेशी घुसपैठियों, पाकिस्तानियों या मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए निर्वाचन आयोग विशेष कार्यक्रम चलाता है, तो वे हाय-तौबा मचा कर देश के अंदर अराजकता का माहौल पैदा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सभी सहयोगियों को देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि जब भी कोई बांग्लादेशी घुसपैठिया या पाकिस्तानी सूची में अपना नाम डलवाता है तो वह भारत के गरीब, दलित, वंचित का अधिकार छीनने का कार्य करता है। इंडी गठबंधन हो, कांग्रेस या समाजवादी पार्टी, इनके वर्तमान कार्यकलापों को देखकर कहा जा सकता है कि इनका उद्देश्य लोकतंत्र को समृद्ध करना नहीं है। इनका उद्देश्य केवल भारत, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को जनता की नजरों में अविश्वसनीय बनाने की कुत्सित चेष्टा है। जिन संवैधानिक संस्थाओं के बल पर भारत का लोकतंत्र टिका है, उस लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए साजिशें हमें कतई स्वीकार नहीं करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र के बारे में उपदेश वह कांग्रेस पार्टी दे रही है, जिसका इतिहास 1975 में देश में आपातकाल लगाना है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी इसके लिए देशवासियों से माफी मांगेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 नवंबर को कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया। यह सिखों पर अत्याचार को याद दिलाने वाली तारीख थी। 01 नवंबर 1984 को दिल्ली की सड़कों पर कांग्रेसियों द्वारा निर्दोष सिखों को कत्लेआम किया जा रहा था। तब भारत के अंदर हिंदू और सिख भाई-भाई के रूप में रह रहे थे, लेकिन कांग्रेस के कृत्यों के कारण इसमें किसी न किसी प्रकार से खाई पैदा हुई। देश के अंदर माहौल खराब करने का कार्य कांग्रेस ने किया था। जब देश उन निर्दोष सिखों के कत्लेआम की बरसी मना रहा था, उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहा था, तब कांग्रेस के लोग दिल्ली के अंदर जश्न मना कर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे थे।
दिल्ली में सपा प्रमुख के बयान ‘अगली पीढ़ी हर लाठी और हर जख्म का बदला लेगी’ पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के बबुआ को थोड़ा समझना चाहिए कि लोकतंत्र में बदला नहीं होता, बल्कि जनता बदलाव करती है। 2014 में देश और 2017 में प्रदेश में बदलाव जनता जनार्दन के बल पर हुआ था। वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस को मिली कुल सीटों से अधिक 255 सीटें अकेले भाजपा ने वर्ष 2022 में जीती थीं। जनता ही तय करती है कि किसे सत्ता सौंपनी है।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की राजनीतिक लॉन्चिंग पर तंज कसते हुए कहा कि दीपावली पर कुछ रॉकेट ऐसे होते हैं, जिन्हें जलाने के बाद लोग आसमान की ओर देखते रह जाते हैं, लेकिन रॉकेट वहीं धुआं छोड़कर बुझ जाता है। राहुल गांधी की भी यही स्थिति हो चुकी है। कांग्रेस ने वर्ष 2004 में सांसद, 2007 में महासचिव, 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 2017 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर राहुल गांधी को लॉन्च किया। इसके बाद 2019 में वह अमेठी से चुनाव हार गए। भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा और अधिकार यात्रा से भी स्थिति नहीं बदली। राहुल गांधी 56 वर्ष के हो गए हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए अब भी युवा हैं। अब यह युवा कभी लॉन्च नहीं होने वाला।
सीएम योगी ने राहुल गांधी व अखिलेश यादव की जोड़ी की तुलना बार-बार परीक्षा में असफल होने वाले छात्र से की। कहा कि ऐसा छात्र कभी कॉपी गायब होने, कभी प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम से बाहर आने और कभी पेन की स्याही समाप्त होने का बहाना बनाता है। अपनी असफलता स्वीकार नहीं करता। दोनों नेताओं की भी यही स्थिति है। चुनाव जीतने पर अपना पुरुषार्थ बताते हैं और हारने पर ईवीएम तथा निर्वाचन आयोग को दोषी ठहराते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 44, वर्ष 2019 में 52 और वर्ष 2024 में 99 सीटें मिलीं। तीनों चुनावों में कुल 195 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा ने अकेले 2024 में 240 सीटें जीतीं। उन्होंने बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार की हार के बावजूद कांग्रेस आत्ममंथन नहीं करती।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। कुछ लोग देश को बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका जैसा बनाने की धमकी दे रहे हैं, लेकिन नया भारत अराजकता स्वीकार नहीं करेगा। वर्ष 2017 से पहले सपा की चार सरकारों में 1500 से अधिक दंगे हुए। पर्व-त्योहारों से पहले कर्फ्यू लगना आम था। बेटियां और व्यापारी असुरक्षित थे। आज प्रदेश सुरक्षा और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भाजपा की पदयात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का अभियान है।
पदयात्रा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन अराजकता फैलाकर आमजन को गुमराह कर रहा है। एक तरफ विपक्ष अराजकता फैला रहा है, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है। पहले भारत कुछ कहता था तो दुनिया सुनती नहीं थी, लेकिन आज भारत कुछ कहता है तो दुनिया सुनती भी है और अमल भी करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए अभूतपूर्व बदलाव की चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2017 से पहले लोग उत्तर प्रदेश आने के नाम पर दो कदम पीछे हट जाते थे, लेकिन आज उसी उत्तर प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। विपक्ष के दुष्प्रचार का गांव-गांव जाकर मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
कार्यक्रम में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि विपक्षी दल विदेशी ताकतों के इशारे पर अराजक तरीके से देश को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। जनता को ऐसे अराजक तत्वों से सावधान रहने की आवश्यकता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी तथा गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
केंद्रीय राज्य मंत्री ग्रामीण विकास कमलेश पासवान, प्रदेश सरकार के मंत्रीगण सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, एके शर्मा, दारा सिंह चौहान, अनिल कुमार, दयाशंकर सिंह, विजयलक्ष्मी गौतम, दानिश आजाद अंसारी, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. प्रदीप वर्मा, राष्ट्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद संगीता यादव, अपना दल विधानमंडल दल के नेता रामनिवास वर्मा, सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर आदि।