गोरखपुर । उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सियासी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंच रहे हैं। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहेंगे। चार नवंबर को गोरखपुर में आयोजित होने वाली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के जरिए भाजपा अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी। इस कार्यक्रम में पूर्वांचल के 12 सांगठनिक जिलों के पदाधिकारियों और हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है। इस पूरे कार्यक्रम को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का 4 नवंबर को सुबह लगभग 11 बजे गोरखपुर आगमन प्रस्तावित है। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक उनके स्वागत की व्यापक तैयारियां की गई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से शहर में कई स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज पहुंचेंगे। यहां विशाल जनसभा को संबोधित करने के बाद ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की अगुवाई करेंगे।
यह पदयात्रा महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर कचहरी चौराहा और गणेश चौराहा होते हुए गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंचेगी। लगभग डेढ़ किलोमीटर की इस पदयात्रा में करीब 40 से 50 हजार कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी जुटाने का लक्ष्य बताया जा रहा है। भाजपा के 12 सांगठनिक जिलों के जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता इस आयोजन में शामिल होंगे।

भाजपा इस पदयात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने का माध्यम बता रही है। वहीं राजनीतिक नजरिए से देखें तो यह कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की संगठनात्मक ताकत और कार्यकर्ताओं की एकजुटता दिखाने का बड़ा अवसर भी है। एक तरफ भाजपा सड़क पर उतरकर अपनी हुंकार भरेगी, तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों का मंत्र देंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा केवल पदयात्रा और जनसभा तक सीमित नहीं रहेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्ध वर्ग, जनप्रतिनिधियों, प्रदेश कोर कमेटी और संगठन के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें प्रस्तावित हैं। पांच नवंबर को गोरखनाथ मंदिर में दर्शन के बाद पूर्व एवं वर्तमान संगठनात्मक पदाधिकारियों और गोरखपुर क्षेत्र के सांगठनिक नेताओं के साथ भी संवाद करेंगे। इन बैठकों में संगठन और सरकार के बीच समन्वय, कार्यकर्ताओं की भूमिका और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है। कुल मिलाकर गोरखपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दो दिवसीय प्रवास सियासी तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि पदयात्रा के जरिए भाजपा कितना बड़ा जनसमर्थन जुटा पाती है और मिशन 2027 को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व कार्यकर्ताओं को क्या संदेश देता है।