Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश की भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है। बता दें विधानसभा चुनाव में उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाले कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक पी.सी. शर्मा की विशेष अनुमति याचिका (SLP) को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ऐसे में इस फैसले के बाद सबनानी का विधायक बने रहना तय हो गया है। जिसमें जनता की अदालत से लेकर हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट तक उन्हें राहत मिली है।
दरअसल, मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भोपाल दक्षिण-पश्चिम सीट पर भाजपा के भगवानदास सबनानी और कांग्रेस के पी.सी. शर्मा के बीच मुकाबला हुआ था। बता दें 3 दिसंबर 2023 को घोषित चुनाव परिणाम में सबनानी ने 15 हजार 833 वोटों से जीत दर्ज की थी। चुनाव में भगवानदास सबनानी को कुल 76 हजार 689 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पी.सी. शर्मा को 60 हजार 856 मत प्राप्त हुए थे।
चुनाव परिणाम आने के बाद पी.सी. शर्मा ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। जिसमें उन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी और मतगणना के दौरान कथित हेरफेर का आरोप लगाया था। जिसमें उनका कहना था कि मतगणना के समय ईवीएम की बैटरी के स्तर में असामान्य अंतर दिखाई दिया था। हालांकि, 2 अप्रैल 2025 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी चुनाव याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि याचिका में किसी खास मतदान केंद्र, ईवीएम, व्यक्ति या घटना का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में आरोपों के समर्थन में पर्याप्त आधार मौजूद नहीं थे।

हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पी.सी. शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसमें उनकी ओर से दलील दी गई कि ईवीएम से जुड़े आरोपों की जांच ट्रायल के दौरान होनी चाहिए थी। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) से भी मामले के जरूरी तथ्यों की जांच की मांग की गई। वहीं, भगवानदास सबनानी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने दलील दी कि चुनाव याचिका में ईवीएम से छेड़छाड़ या भ्रष्ट आचरण के ठोस सबूत पेश नहीं किए गए हैं। केवल आशंका के आधार पर किसी विधायक का निर्वाचन रद्द नहीं किया जा सकता।
बता दें दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पी.सी. शर्मा की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही भगवानदास सबनानी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई। वहीं, इस फैसले से भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी को बड़ी राहत मिली है। विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी उनके पक्ष में फैसला आने से उनका राजनीतिक और कानूनी पक्ष मजबूत हुआ है।
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