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पांढुर्णा में सीएम मोहन यादव का किसानों से संवाद, प्राकृतिक खेती और सिंचाई सुविधाओं पर दिया जोर, पढ़ें खबर

Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पांढुर्णा में बलराम कृषि महोत्सव के तहत किसानों से संवाद किया। यहां जानें प्राकृतिक खेती, 38 सिंचाई परियोजनाओं, पशु चिकित्सा और मत्स्य पालन से जुड़ी अहम जानकारी।

By: Aparna Panwar 
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पांढुर्णा में सीएम मोहन यादव का किसानों से संवाद, प्राकृतिक खेती और सिंचाई सुविधाओं पर दिया जोर, पढ़ें खबर

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘बलराम कृषि महोत्सव’ (Balram Agriculture Festival) का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज पांढुर्णा जिले का दौरा कर किसान भाइयों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिले में खेती-किसानी के विकास, प्राकृतिक खेती, सिंचाई सुविधाओं, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी दी। जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलें और उनकी आमदनी बढ़ाने के नए अवसर तैयार हों।

पांढुर्णा में प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा

दरसअल, जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र में किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इन किसानों को जरूरी सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 4 बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़ी जानकारी और तकनीकी सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है।

38 सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को राहत

बता दें कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। जिले में संचालित 38 सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत हो रही है।

वहीं, दुधा जलाशय के माध्यम से 235 हेक्टेयर अतिरिक्त रबी सिंचाई क्षमता विकसित की गई है। इससे किसानों को रबी सीजन में फसलों की सिंचाई के लिए अतिरिक्त सुविधा मिल सकेगी। सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से किसानों को खेती में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

पशुपालकों को घर बैठे मिल रहीं चिकित्सा सेवाएं

ऐसे में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए भी जिले में सुविधाएं विकसित की गई हैं। चलित पशु चिकित्सा इकाइयों के जरिए 2 हजार से अधिक पशुपालकों को घर पर ही पशुओं के इलाज की सुविधा मिल रही है। इससे पशुपालकों को पशु चिकित्सा केंद्रों तक जाने की परेशानी कम हो रही है।

मत्स्य पालन से रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत जिले में स्मार्ट फिश पार्लर स्थापित किया गया है। इसके अलावा पांढुर्णा जिले की 21 मत्स्य सहकारी समितियां भी सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इन प्रयासों से मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर मिल रहे हैं।

किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर तकनीक, प्रशिक्षण और सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। साथ ही किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए अधिक अवसर तैयार करना भी प्राथमिकता है।

‘बलराम कृषि महोत्सव’ (Balram Agriculture Festival) के माध्यम से सरकार का लक्ष्य खेती को लाभकारी बनाना, किसानों को नई तकनीक से जोड़ना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

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