Toll Tax New Rules: देशभर में नेशनल हाईवे (National Highway) पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर है। बता दें जल्द ही टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिल सकता है। जिसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल टैक्स वसूली की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी की है। दरसअल, इसके तहत भविष्य में बनने वाले सभी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स (National Highway Projects) में बैरियर फ्री टोलिंग सिस्टम (Barrier-Free Tolling System) लागू किया जाएगा। साथ ही, इस नई व्यवस्था में वाहन चालकों को टोल टैक्स देने के लिए गाड़ी रोकने की जरूरत नहीं होगी। कैमरे और सेंसर की मदद से अपने आप टोल कट जाएगा।
NHAI अब पारंपरिक टोल प्लाजा की जगह मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम को बढ़ावा देगा। इस तकनीक में हाईवे के ऊपर विशेष गैन्ट्री लगाई जाएंगी। इनमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) रीडर और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही, इनकी मदद से गुजरने वाले वाहनों की पहचान होगी और FASTag के जरिए टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा। इससे वाहन बिना रुके अपनी सामान्य रफ्तार से हाईवे पर आगे बढ़ सकेंगे। नए टोल प्लाजा में अधिकतम 8 लेन का प्रावधान होगा।
बता दें NHAI का नया आदेश भविष्य में तैयार होने वाले सभी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स पर लागू होगा। जिन परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन टोल प्लाजा का निर्माण शुरू नहीं हुआ है, उन्हें भी नए नियमों के अनुसार योजना में बदलाव करना होगा। वहीं, जो प्रोजेक्ट अभी डीपीआर (DPR) यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के चरण में हैं, उनके बिडिंग दस्तावेजों में भी नए सिस्टम को शामिल किया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने से टोल प्लाजा बनाने के लिए कम जमीन की जरूरत पड़ेगी। इससे जमीन खरीदने और रखरखाव पर होने वाला खर्च घटेगा। इसके अलावा टोल वसूली की ऑपरेटिंग लागत भी मौजूदा 12 से 15 प्रतिशत से घटकर करीब 3 से 4 प्रतिशत तक आने का अनुमान है। हर लेन से एक घंटे में लगभग 600 वाहन गुजर सकेंगे।
नई टोलिंग व्यवस्था में कैमरे और सेंसर वाहन की नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन करेंगे। इसके बाद टोल की रकम सीधे FASTag अकाउंट से काट ली जाएगी। अगर FASTag में पर्याप्त बैलेंस नहीं हुआ या अकाउंट काम नहीं किया, तो वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा।
ऐसे में नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर टोल टैक्स जमा करना होगा। ऐसा नहीं करने पर सामान्य टोल शुल्क का दोगुना जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा FASTag, वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट को ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है। वाहन मालिक ई-नोटिस की जानकारी ट्रांसपोर्ट ई-फीस पोर्टल या राजमार्गयात्रा ऐप पर देख सकेंगे और वहीं से भुगतान भी कर सकेंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य टोल वसूली को आसान बनाना और हाईवे पर सफर के दौरान लगने वाले जाम को खत्म करना है।
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