ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने 38 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में उनके 14 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय सफर का अंत हो गया। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, अनोखे शॉट्स और शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मशहूर मैक्सवेल ने अपने करियर में कुल 286 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बावजूद वह फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे।
ग्लेन जेम्स मैक्सवेल का जन्म 14 अक्टूबर 1988 को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हुआ था। क्रिकेट के प्रति जुनून ने उन्हें घरेलू क्रिकेट तक पहुंचाया और उन्होंने साल 2009 के आसपास विक्टोरिया की टीम के साथ अपने घरेलू क्रिकेट करियर की शुरुआत की। घरेलू क्रिकेट में अपने आक्रामक अंदाज से पहचान बनाने वाले मैक्सवेल को जल्द ही ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिल गई। उन्होंने 25 अगस्त 2012 को अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। इसके बाद 5 सितंबर 2012 को पाकिस्तान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में पहला मुकाबला खेला। वहीं, 2 मार्च 2013 को भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू कर उन्होंने क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में भी कदम रखा।
ग्लेन मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों के लिहाज से भी शानदार रहा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट में कुल 286 मुकाबले खेले।
उनके करियर के आंकड़े इस प्रकार हैं:
इस तरह मैक्सवेल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 7,226 रन बनाए और 136 विकेट हासिल किए। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 शतक दर्ज हैं। खास बात यह है कि टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने पांच शतक लगाए और इस मामले में भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा के साथ संयुक्त रिकॉर्ड बनाया।
ग्लेन मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारियों की बात करें तो 2023 वनडे वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी नाबाद 201 रनों की पारी सबसे ऊपर आती है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के सामने 292 रनों का लक्ष्य था। लेकिन एक समय टीम ने महज 91 रन पर अपने सात विकेट गंवा दिए थे। ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया यह मुकाबला हार जाएगा। लेकिन इसके बाद मैक्सवेल ने ऐसी पारी खेली, जिसने क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। पैर में तेज ऐंठन और शारीरिक परेशानी के बावजूद उन्होंने 128 गेंदों पर नाबाद 201 रन बना दिए। उन्होंने पैट कमिंस के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया को असंभव दिख रही जीत दिला दी। यह पारी इसलिए भी ऐतिहासिक रही क्योंकि मैक्सवेल वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई पुरुष बल्लेबाज बने। क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच आज भी इस पारी को वनडे वर्ल्ड कप की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।
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मैक्सवेल की बल्लेबाजी की खासियत सिर्फ तेजी से रन बनाना नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में मैच का रुख बदलना भी रही है। उनके तीनों फॉर्मेट के सर्वोच्च स्कोर की बात करें तो टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वाधिक स्कोर 104 रन है, जो उन्होंने 2017 में भारत के खिलाफ रांची में बनाया था। वनडे इंटरनेशनल में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 201 रन है, जो उन्होंने 2023 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ बनाया था। वहीं टी20 इंटरनेशनल में उनका सर्वाधिक स्कोर 145 रन नाबाद है, जो उन्होंने 2016 में श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले में बनाया था।

मैक्सवेल के करियर की उपलब्धियों में वर्ल्ड कप की जीत भी बेहद खास रही है। वह 2015 और 2023 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा 2021 में ऑस्ट्रेलिया की पहली टी20 वर्ल्ड कप जीत में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाजी और मैदान पर शानदार फील्डिंग ने उन्हें एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के पीछे मैक्सवेल की प्राथमिकता अपने शरीर और फिटनेस को बेहतर बनाए रखना है। लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद वह अब अपने करियर के बचे हुए वर्षों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर ध्यान देना चाहते हैं। मैक्सवेल ने पहले ही जून 2025 में वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। अब उन्होंने टी20 इंटरनेशनल सहित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कह दिया है। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला फरवरी 2026 में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान ओमान के खिलाफ था। हालांकि, क्रिकेट प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि मैक्सवेल अभी क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं हुए हैं। वह बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स सहित फ्रेंचाइजी टी20 क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे।
ग्लेन मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के एक खास दौर का अंत है। 286 मुकाबलों में उन्होंने कई बार अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। अफगानिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक दोहरे शतक से लेकर टी20 क्रिकेट में तूफानी पारियों तक, मैक्सवेल ने अपने खेल से अलग पहचान बनाई। भले ही अब वह ऑस्ट्रेलिया की जर्सी में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलते नजर नहीं आएंगे, लेकिन उनकी यादगार पारियां क्रिकेट प्रशंसकों के जेहन में हमेशा जिंदा रहेंगी।