14 फरवरी 2019 करीब शाम 3 बजे पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी ने सीआएपीएफ के जवानों को ले जा रही एक से विस्पोटक भरे कार को टकरा दिया। इस फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। पुलवामा की पहली बरसी पर जहां लोग श्रद्धांजली दे रहे हैं तो वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसपर सवाल खड़े किए हैं, जिसे लेकर इस वक्त उनकी आलोचना की जा रही है।
राहुल गांधी ने हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजली देते हुए तीव सवाल किए हैं। ट्विटर पर ट्वीट करते हुए उन्होंने पूछा कि, इस हमले का सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ? दूसरा सवाल- इश हमले की जांच में क्या सामने आया? बीजेपी की सरकार के वक्त में यह हमला हुआ था, सुरक्षा में हुई चूक के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया गया है? उनके इन सवालों के बाद इस वक्त लोग राहुल की खुब निंदा कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि, शर्म करो राहुल गांधी। पूछते हो पुलवामा हमले से किसका फायदा हुआ? अगर देश पूछेगा कि इंदिरा-राजीव की हत्या का किसे फयदा हुआ तो क्या बोलोगे। इतनी घटिया राजनीति मत करो, शर्म करो।’
बीजेपी प्रवक्ता संबिता पात्रा ने काह कि गांधी परिवार फायदे से आगे कुछ सोच नहीं सकता तो जीवीएल नरसिम्हा ने राहुल को लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के प्रति सहानुभूति रखने वाला बताया है।
बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा ने ट्वीट किया, ‘जब राष्ट्र पुलवामा हमले के शहीदों को याद कर रहा है। लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद से सहानुभूति के लिए जाने जाने वाले राहुल गांधी ने ना सिर्फ सरकार पर बल्कि सुरक्ष बलों पर भी निशाना साधी। राहुल कभी भी वास्तविक दोषी पाकिस्तान से सवाल नहीं करेंगे। शर्म करो राहुल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए जवानों को श्रद्धांजली दी। उन्होंने कहा कि, पिछले साल भयानक पुलवामा हमले में अपनी जिंदगी गंवाने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे सभी असाधारण लोग थे, जिन्होंने हमारे राष्ट्र की सेवा और रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। भारत उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा।