मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में अवैध ऑटो संचालन को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। ऑटो यूनियन पदाधिकारियों ने दावा किया है कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे ऑटो चल रहे हैं जिनके पास न तो वैध परमिट है और न ही फिटनेस प्रमाणपत्र। कई वाहन बिना लाइसेंस और एक्सपायर दस्तावेजों के साथ सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा दोनों पर खतरा बढ़ गया है।
ऑटो यूनियन के अनुसार जिले में करीब 2 से 3 हजार ऑटो संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से बेहद कम वाहन ही नियमों के तहत पंजीकृत और वैध दस्तावेजों वाले हैं। यूनियन का कहना है कि अधिकांश ऑटो बिना किसी कानूनी प्रक्रिया का पालन किए खुलेआम चलाए जा रहे हैं। यूनियन अध्यक्ष बाडू जगताप ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से लगातार प्रशासन और परिवहन विभाग को शिकायतें दी जा रही हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही और कथित मिलीभगत के कारण अवैध संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए यूनियन सदस्य मयूर भावसार ने दावा किया कि जिले में 15 साल से कम उम्र के बच्चे भी ऑटो चलाते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि नाबालिग चालकों के कारण सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब ऐसे चालकों को रोकने की कोशिश की जाती है तो कई बार विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं। यूनियन ने मांग की है कि ऐसे मामलों में तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि अवैध ऑटो संचालन का सीधा असर उन चालकों पर पड़ रहा है जो नियमों का पालन करते हुए टैक्स, परमिट और फिटनेस की प्रक्रिया पूरी करते हैं। अवैध वाहन कम खर्च में संचालन कर रहे हैं, जिससे वैध ऑटो चालकों की आमदनी प्रभावित हो रही है। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है, क्योंकि बिना फिटनेस और दस्तावेजों वाले वाहन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
ऑटो यूनियन ने पूरे मामले की शिकायत जिला कलेक्टर हर्ष सिंह से करते हुए अवैध ऑटो संचालन पर व्यापक अभियान चलाने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना नियमों और वैध दस्तावेजों के सड़कों पर दौड़ रहे इन ऑटो पर प्रशासन कब तक कार्रवाई करेगा और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा।