नई दिल्ली : देश में जारी किसान आंदोलन के आज तकरीबन दो माह से भी अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी भी इस आंदोलन का कोई नतीजा नहीं निकल सका है। एक तरफ जहां भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत आंसू बहाने के बाद ये कहते नजर आते हैं कि आंसू बहने का असर आपने देख लिया। अब यह आंदोलन और मजबूत होगा।
वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सर्वदलीय बैठक हुई, लगभग सब पार्टियों ने बैठक में हिस्सा लिया। विपक्ष ने मांग की है कि लोकसभा में बिल के अलावा चर्चा हो और सरकार इसके लिए सहमत है। विपक्ष ने किसानों के मुद्दे पर भी चर्चा की मांग की है इसके लिए भी हम सहमत हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जो प्रस्ताव दिया था, हम उस पर चर्चा के लिए तैयार है। गौरतलब है कि 11वें वार्ता के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने किसानों को कई ऑप्शन दिये थे, जिसमें उन्होंने तीनों कृषि बिलों को तकरीबन दो सालों तक रोक लगाने की बात कहीं गई थी, वहीं MSP पर बात करने का जिक्र किया गया था। लेकिन किसान नेता इन सभी बातों पर सहमत नहीं हुए और वे अपने जिद्द पर अड़े रहें, जिसका नतीजा यह रहा की तोमर इस बैठक के बाद खासे नाराज नजर आये।
अब देखना यह है कि पीएम मोदी के इस बयान के बाद किसान नेताओं का क्या रूख रहता है। वहीं क्या विपक्षी पार्टियां संसद सत्र को सुचारू रूप से चलने देंगे। अगर नहीं तो फिर क्या होगा….