गुजरात के केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा, “एक बार सरदार पटेल ने कहा था कि देश सेवा से बड़ा कोई सुख नहीं है, और मैं भी मानता हूं कि खुद को देशसेवा के लिए समर्पित करने से बड़ा सुख नहीं है।”
कार्यक्रम की शुरुआत परेड के साथ हुई, जिसमें सेना और पुलिस की टुकड़ियों ने भाग लिया। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की एकता और विविधता का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड की सलामी ली और कहा कि सरदार पटेल के अदम्य साहस, राष्ट्रनिष्ठा और दूरदर्शिता के कारण ही आज भारत एक एकीकृत और सशक्त राष्ट्र के रूप में खड़ा है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर का भी विलय बाकी रियासतों की तरह हो, लेकिन पंडित नेहरू ने उनकी इच्छा को पूरा नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की उस ऐतिहासिक गलती के कारण देश दशकों तक अस्थिरता और आतंकवाद की आग में झुलसता रहा। उन्होंने कांग्रेस पर इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया और कहा कि सच्चाई को अब सामने लाया जाना जरूरी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि आज देश की एकता और आंतरिक सुरक्षा के सामने सबसे बड़ा खतरा घुसपैठियों से है। उन्होंने कहा कि दशकों तक विदेशी घुसपैठिए भारत में घुसते रहे, संसाधनों का इस्तेमाल करते रहे और जनसांख्यिकीय संतुलन को बिगाड़ते रहे, लेकिन पिछली सरकारों ने इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज किया। पीएम मोदी ने कहा कि अब देश ने इस चुनौती का मजबूत और निर्णायक तरीके से सामना करने का संकल्प लिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के नए युग में प्रवेश कर चुका है। रिकॉर्ड हाइवे, एक्सप्रेसवे, वंदे भारत और नमो भारत ट्रेनों जैसी पहलों ने देश को नई दिशा दी है। छोटे शहरों को एयरपोर्ट से जोड़ने की प्रक्रिया ने पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण भारत की दूरियों को कम किया है।
अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सेवा भावना का प्रतीक है। उन्होंने सभी देशवासियों से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाकर देश की प्रगति और एकता में अपना योगदान दें।