गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में नई मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। राजभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में 25 से अधिक मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस नई कैबिनेट में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कई नए और युवा चेहरों को भी शामिल किया गया है।

शपथ लेने वालों में त्रिकोमीलाल चांग, रघुवीरसिंह सरदारसिंह खाखर, पिन्तुभाई माली, अर्जुनसिंह पटेल, पी.सी. बरंडा, दर्शना वाघेला, कीर्तीसिंह सामटिया, फुलसिंह बावलिया, रिवाबा जाडेजा, अर्जुनभाई मोखलिया, डॉ. मुकेश वाघ, परसोत्तम सोलंकी, जेठाभाई वाघाणी, रमणभाई सोलंकी, कमलेशभाई पटेल, संजयसिंह महेड़ा, मनीषा वकील, पृथ्वीसिंह पटेल, हर्ष संघवी, कनुभाई देसाई समेत कई मंत्री शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, जयेश राडाडिया, शंकर चौधरी, अर्जुन मोढवाडिया, जीतू वघानी, रिवाबा जाडेजा और अल्पेश ठाकोर जैसे युवा और नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में स्थान देकर पार्टी ने ओबीसी और पाटीदार समुदायों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। इससे युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों में भाजपा की पकड़ मजबूत होने की संभावना है।
भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं में इस फेरबदल को लेकर उत्साह है। विधायक लविंगजी ठाकोर ने कहा कि पार्टी हमेशा सभी समुदायों का समान सम्मान करती है, जबकि विधायक कन्हैयालाल किशोरी ने कहा कि यह कदम गुजरात के विकास को और गति देगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल भाजपा के मिशन 2027 के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। युवा नेतृत्व को आगे लाने और लंबे शासन से उत्पन्न एंटी इनकंबेंसी को खत्म करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। नई कैबिनेट से उम्मीद की जा रही है कि यह गुजरात को विकास के नए शिखर पर ले जाएगी और जनता के विश्वास को और मजबूत करेगी।