प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के भावनगर में ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया और 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें समुद्री अवसंरचना, बंदरगाह आधारित विकास और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं प्रमुख हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का भविष्य आत्मनिर्भरता और समुद्र-आधारित विकास से जुड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में समुद्र केवल व्यापार का माध्यम ही नहीं, बल्कि समृद्धि और रोजगार का भी बड़ा स्रोत बनेगा। उन्होंने मुंबई के इंदिरा डॉक में अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल और कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर नए कंटेनर टर्मिनल जैसी परियोजनाओं को भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में मील का पत्थर बताया।
इससे पहले पीएम मोदी ने भावनगर में एक भव्य रोड शो किया। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक लगभग एक किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान हजारों लोग प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए उमड़े। सड़कों के दोनों ओर मोदी-मोदी के नारे गूंजते रहे और जगह-जगह रंग-बिरंगे पोस्टर और बैनर लगे थे।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी चुनौती विदेशी निर्भरता है। उन्होंने कहा कि अगर 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाना है तो हमें पूरी तरह से आत्मनिर्भर होना होगा। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता होगी, उतनी ही ज्यादा देश की असफलता होगी।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद के दशकों में देश की क्षमता को नजरअंदाज किया गया। लाइसेंस-कोटा राज ने उद्योगों और युवाओं की ऊर्जा को सीमित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारत इन पुरानी गलतियों से सीख लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने सेवा पखवाड़े का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती से गांधी जयंती तक पूरे देश में लाखों लोग सेवा कार्यों में जुटे हैं। गुजरात में अब तक हजारों रक्तदान शिविर लगाए गए और एक लाख से अधिक लोग रक्तदान कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि भारत आज दुनिया के सामने शांति, स्थिरता और सहयोग का संदेश दे रहा है। यदि हमें वास्तव में एक मजबूत राष्ट्र बनना है तो हमें मिलकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करना होगा।