नई दिल्ली : भारत में लगातार बढ़ते कोरोना केस से पूरी दुनिया खौफजदा है। जिसे लेकर वो लगातार चिंतिंत है। इसी चिंता के बीच अमेरिकी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। जिससे पिछले 14 दिनों में जिन लोगों में भारत यात्रा की होगी, उन्हें अमेरिका में एंट्री नहीं मिलेगा। इसके साथ ही यह नियम सिर्फ उन्हीं लोगों पर लागू होगा, जो भारतीय है।
आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि जिस भी शख्स ने पिछले 14 दिन में भारत की यात्रा की है, उन्हें अमेरिका में एंट्री नहीं मिलेगी। जारी किए गए बयान में जो बाइडेन ने कहा कि ये फैसला अमेरिका के लोगों की भलाई को देखते हुए लिया गया है कि जो भी इंसान देश का नागरिक नहीं है, लेकिन पिछले 14 दिन में भारत की यात्रा करके आया, उन्हें अमेरिका में एंट्री नहीं मिलेगी।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने भी इस फैसले के बारे में विस्तार से बताया है। उनके मुताबिक भारत में इस समय सिर्फ कोरोना के मामले नहीं बढ़ रहे हैं, बल्कि कई नए वेरिएंट भी देखे गए हैं। इस असाधारण परिस्थिति को देखते हुए ही 4 मई से यात्रा पर रोक लगाई गई है।
वैसे इस फैसले में अमेरिका सरकार की तरफ कुछ लोगों को राहत भी दी गई है। बताया गया है कि अमेरिकी नागरिक जिनके पास ग्रीन कार्ड होगा, उनकी पत्नी और 21 साल से कम उम्र के बच्चों को इन पाबंदियों से छूट दी जाएगी। लेकिन बाकी तमाम लोगों पर ना सिर्फ ये पाबंदियां रहेंगी बल्कि वे अमेरिका में भी एंट्री नहीं ले पाएंगे। आपको बता दें कि बाइडेन प्रशासन की तरफ से ये नहीं बताया गया है कि ये पाबंदियां कब तब जारी रहने वाली हैं लेकिन राष्ट्रपति ने भारत में बढ़ रहे कोरोना मामलों पर गहरी चिंता जाहिर की है.
एक बयान में जो बाइडेन ने कहा है कि WTO बता रहा है कि भारत में इस समय कोरोना के 18,375,000 मरीज हैं। भारत में बड़े स्तर पर कोरोना अपने पैर पसा रहा है। दुनिया के एक तिहाई मामले सिर्फ भारत में दर्ज किए जा रहे हैं। वैसे बाइडेन प्रशासन की तरफ से इस बात की भी जानकारी दी गई है कि ये कड़ा फैसला अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) से बातचीत करने के बाद लिया गया है। जोर दिया गया है कि भारत में देखे गए कोरोना के नए वेरिएंट ज्यादा खतरनाक हैं।
आपको बता दें कि बाइडेन के इस फैसले से उस की जमकर आलोचना हो रही है। रिपबल्किन पार्टी का कहना है कि इस संकट के बीच भारत पर ऐसी पाबंदियां लगाना ठीक नहीं है। इसे लेकर कई सांसदों ने मुद्दा उठाया है कि अमेरिका की तरफ से मेक्सिको के लिए बॉडर खोला गया है, लेकिन भारत के लिए बंद किया जा रहा है, ऐसे में इस फैसले को उचित नहीं बताया जा सकता है। वहीं इस मुद्दे पर बहस के बीच राष्ट्रपति जो बाइडेन का एक पुराना ट्वीट भी चर्चा का विषय बना। उस ट्वीट में खुद बाइडेन भी कोरोना को रोकने के लिए बॉर्डर बंद करने का विरोध कर रहे थे।
गौरतलब है कि पिछले साल 12 मार्च को जो बाइडेन ने ट्वीट कर कहा था कि एक दीवार कोरोना को नहीं रोक सकती है। यूरोप पर बैन लगा देना या किसी दूसरे देश पर लगा देने से कोरोना नहीं हारेगा। ये महामारी किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती है। हमे एक रणनीति की आवश्यकता है. उनके इसी ट्वीट को याद कर भारत पर लगाई गई रोक का विरोध किया जा रहा है।
बता दें कि इससे पहले भी अमेरिका की तरफ से ये अपील की गई थी कि उनके नागरिक भारत का दौरा ना करें, वहीं अगर वहां पर रह रहे हैं तो तुरंत अपने देश वापस आ जाएं। अब उस अपील के बाद ही जो बाइडेन की तरफ से ये कदम उठाया गया है जो चार मई से प्रभावी हो जाएगा।