बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के दो बड़े सितारे, पवन सिंह और खेसारी लाल यादव, अब सियासी मोर्चे पर भी आमने-सामने नजर आ रहे हैं। दोनों कलाकारों के बीच चल रही जुबानी जंग ने राज्य की चुनावी फिज़ा को और भी गर्मा दिया है। खेसारी लाल यादव, जो इस बार राजद (आरजेडी) के टिकट पर छपरा विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं, लगातार बिहार सरकार पर विकास को लेकर निशाना साध रहे हैं। वहीं, भाजपा से जुड़े सिंगर-एक्टर पवन सिंह ने अब खेसारी के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा है कि जो लोग विकास पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें 15 साल पहले का बिहार और आज का बिहार देख लेना चाहिए। तब उन्हें असली फर्क और विकास का मतलब समझ में आ जाएगा।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान पवन सिंह ने कहा कि भाजपा के शासन में बिहार ने नई दिशा पकड़ी है और राज्य में काफी बदलाव आया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे खेसारी लाल यादव के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे, तो उन्होंने कहा कि यह निर्णय पार्टी लेगी और वे पार्टी के निर्देशों का पालन करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के “बिहारी कहलाना गर्व की बात है” वाले बयान का समर्थन करते हुए पवन सिंह ने कहा कि “बिलकुल, बिहारी कहलाना गर्व की ही बात है।”
दूसरी ओर, खेसारी लाल यादव छपरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जो कभी आरजेडी का मजबूत गढ़ मानी जाती थी। यह वही क्षेत्र है जहां से लालू प्रसाद यादव ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी और सामाजिक न्याय का नारा बुलंद किया था। हालांकि पिछले दो दशकों से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। ऐसे में आरजेडी, खेसारी लाल यादव के माध्यम से इस ऐतिहासिक सीट को फिर से जीतने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा इस सीट को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। दोनों ही सितारों की सियासी जंग ने इस बार बिहार के चुनावी माहौल को और भी दिलचस्प बना दिया है।