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अमेरिका के सामने बेबस नजर आया पाकिस्तान, फूटा पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह कुरैशी का गुस्सा

By: Amit ranjan 
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अमेरिका के सामने बेबस नजर आया पाकिस्तान, फूटा पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह कुरैशी का गुस्सा

नई दिल्ली : अक्सर अपने गलत हरकतों को लेकर सुर्खियों में रहने वाला पाकिस्तान इन दिनों मानवाधिकार की दुहाई दे रहा है, और विश्व के देशों को एक साथ आने का अह्वान कर रहा है। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से इजरायली और हमास के बीच मिसाइल वार चल रहा है, जिसमें ना जानें कितने निर्दोष लोग मारे गये। वहीं इजरायल सरकार का कहना है कि जबतक वो हमास के चरमपंथी नेताओं को सबक नहीं सिखाएंगे, तब तक वो इस हमले को बंद नहीं करेगे।

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच इसी हमले को लेकर पाकिस्तानी विदेशी मंत्री शाह महमूद कुरैशी फिलिस्तीन के पक्ष में दुनिया के देशों को एकजुट करने की मुहिम में जुटे हुए है। इसके लिए वह तुर्की के बाद अमेरिका पहुंच गए हैं। न्यूयॉर्क के लिए रवाना होने से पहले कुरैशी ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन से मुलाकात की और इजरायल के खिलाफ देशों को लामबंद करने की रणनीति पर चर्चा की। हालांकि, फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कोई सहमति नहीं बनने पर कुरैशी ने निराशा जाहिर की है। दरअसल, अमेरिका वीटो पावर का इस्तेमाल करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को साझा बयान जारी करने से तीन बार रोक चुका है।

 

तुर्की में एक इंटरव्यू के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा कि फिलिस्तीनियों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कोई सहमति नहीं बन पाई, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सुरक्षा परिषद में अमेरिका की वीटो यानी असहमति के चलते इजरायल के खिलाफ निंदा को लेकर बयान जारी नहीं किया जा सका। कुरैशी के बयान को अमेरिका के रुख के खिलाफ माना जा रहा है।

 

शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि वीटो पावर के कारण कोई साझा बयान भी नहीं जारी किया जा सका। मगर अब संयुक्त राष्ट्र की आम सभा से उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ये सही बात है कि संयुक्त राष्ट्र के पांच स्थायी सदस्य देशों के पास वीटो पावर है लेकिन जनसमर्थन उस पर भारी पड़ेगा। जनशक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है। अगर जनसमर्थन से सरकारें बदल सकती हैं तो वीटो पावर वालों को भी विचार करना होगा। मैं ये कह रहा हूं कि लोग मानवाधिकारों पर भरोसा करते हैं। लोग ही सरकारों को फिर से सोचने पर मजबूर करेंगे।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री अपने देश के संसद में भी सुरक्षा परिषद में इजरायल को लेकर सहमति न बनने पर निराशा जाहिर कर चुके हैं। इसके अलावा पाकिस्तान इजरायल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के लिए चीन के प्रयास की सराहना भी कर चुके हैं। आपको बता दें कि वैसे तो विश्व मंच पर पाकिस्तान कई बार शर्मसार हो चुका है। वहीं जब भारत ने उसे बेनकाब करने की कोशिश की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को साझा बयान जारी करने को विवश किया, लेकिन हमेशा चीन अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर पाकिस्तान का बचाव करता रहा है। अब यहीं पाकिस्तान आज फिलिस्तीन के लिए मानवाधिकार की दुहाई दे रहा है।

बता दें कि गाजा में इजरायली बमबारी के खिलाफ दुनियाभर के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इजरायल के रवैये के खिलाफ यूरोपीय देशों से शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन पाकिस्तान की सड़कों तक पहुंच चुका है। पाकिस्तान के कराची शहर में बुधवार को पत्रकारों के साथ साथ नौजवानों और छात्रों ने इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया। पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने सीजफायर और गाजा में फिलिस्तीनियों पर इजरायली हमले को फौरन बंद करने की मांग की।

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