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UP के रामपुर जिला अस्पताल में नर्स ने ऑन ड्यूटी डॉक्टर को मारा थप्पड़, हुई सस्पेंड

By: Amit ranjan 
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UP के रामपुर जिला अस्पताल में नर्स ने ऑन ड्यूटी डॉक्टर को मारा थप्पड़, हुई सस्पेंड

नई दिल्ली : देश में जारी कोरोना महामारी के बीच लोग किस प्रकार मानसिक तनाव या विकार से जूझ रहे है, इसे हर कोई जानता है। लेकिन करें भी तो क्या करें, कोई दूसरा रास्ता दिखता ही नहीं। इस महामारी में जहां अपने ही अपनों के साथ छोड़ जा रहे है, वहीं समाज उनके परिवार को अलग-थलग भी कर दे रहा है। जिससे दमघोंटू जैसा माहौल उत्पन्न हो जा रहा है। इस सबके बीच लगातार काम कर रही मशीनरी पर भी कितना तनाव है इस बात का अंदाजा रामपुर जिला अस्पताल में हुई इस घटना से लगाया जा सकता है, जहां एक स्टाफ नर्स ने डॉक्टर से कहासुनी के बाद सरेआम सीनियर डॉक्टर को थप्पड़ जड़ दिया।

मामूली बात से शुरू हुए विवाद में नर्स के थप्पड़ जड़ने के बाद डॉक्टर ने भी प्रतिक्रिया दी लेकिन वहां मौजूद लोगों ने दोनों का बीच-बचाव करवा दिया। हालांकि आला अधिकारियों के पहुंचने पर दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर ठीक प्रकार से ना बोलने का आरोप लगाया है। अधिकारी इस मामले को सुलझाने में लगे हैं ताकि कोविड-19 के इस दौर में फ्रंटलाइन वर्कर की तरह काम करने वाली इस मशीनरी को बाधित होने से बचाया जा सके।

मामला यूपी के रामपुर जिला अस्पताल का है जहां देर शाम वरिष्ठ डॉक्टर बीएम नागर इमरजेंसी ड्यूटी पर थे। एकाएक वहां कविता नाम की स्टाफ नर्स इमरजेंसी वार्ड में पहुंची और डॉक्टर से किसी बात को लेकर वाद-विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते गुस्साई नर्स ने डॉक्टर के मुंह पर थप्पड़ जड़ दिया जिसके बाद सीनियर डॉक्टर को भी गुस्सा आ गया और वह भी उठ खड़े हुए। इससे पहले की वह नर्स को प्रतिक्रिया दे पाते वहां मौजूद स्टॉफ के लोगों ने उनका बीच-बचाव कर दिया। जिसके बावजूद भी गुस्साई नर्स गाली गलौज करते हुए वहां से बाहर निकल गई।

आपको बता दें कि इस मामले के सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट मांगी थी और जिला अस्पताल पहुंचकर अगले दिन डॉक्टर और नर्स के साथ बातचीत की। नगर मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर कार्यवाही करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने नर्स कविता को निलंबित कर दिया, वहीं रिटायर्ड सीएमएस जो पुनः नियुक्ति पर जिला अस्पताल में कार्यरत थे उनकी सेवाएं समाप्त कर दी। जिलाधिकारी ने पूरे स्टाफ को हिदायत दी कि कोविड-19 के दृष्टिगत जिला अस्पताल में आने वाले हर मरीज के साथ डॉक्टर और स्टाफ अच्छा व्यवहार करेंगे और किसी भी प्रकार की कोताही बरते जाने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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