निर्भया के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की केंद्र और दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को एक दिन के लिए टाल दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को पिछली सुनवाई में नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। हालांकि आज भी उनके द्वारा जवाब न दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक दिन का समय देते हुए इस केस की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी है।
विनय शर्मा की तरफ से राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने के मामले वकील एपी सिंह कोर्ट में दलील दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दूसरे दोषी पवन की तरफ से बहस करने के लिए पूर्व जज और वरिष्ठ वकील अंजना प्रकाश को एमिकस नियुक्त किया।
निर्भया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीन जजों की बेंच जस्टिस आर बानुमती, अशोक भूषण और एएस बोपन्ना सुनववाई की। सुप्रीम कोर्ट अब 14 फरवरी को सुनवाई करेगा। केंद्र सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार दोपहर 2 बजे सुनवाई करेगा।
गौरतलब हो इससे पहले बुधवार को निर्भया के दोषियों को फांसी की नई तारीख जारी नहीं हो पाई थी। इस दौरान निर्भया की मां रो पड़ीं और जज से दोषियों के नाम डेथ वारंट जारी करने की अपील करने लगीं। उन्होंने अदालत से पूछा कि मेरे अधिकारों का क्या होगा? मैं हाथ जोड़कर आपके सामने खड़ी हूं। प्लीज डेथ वारंट जारी कर दीजिए। मैं भी इंसान हूं। सात साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है और ये कहते-कहते ही वह अदालत के अंदर ही रो पड़ी।