नई दिल्ली : तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान लगातार आंदोलनरत है, जिसे अब बड़ा झटका लगा है। खबरों की मानें तो इस झटके के बाद ऐसे कयास लगने शुरू हो गये हैं कि जल्द ही आंदोलन खटाई में पड़ती नजर आयेगी। गौरतलब है कि NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने आंदोलन में हिस्सा ले रहें किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा को समन भेजा है, जो लोक भलाई वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष हैं। और ये संगठन सरकार के साथ किसानों की ओर से वार्ता में शामिल है।
सूत्रों की मानें तो NIA किसान नेता बलदेव सिंह से एनजीओ को की गई फंडिंग के मामले में 17 जनवरी को पूछताछ कर सकती है। बता दें कि किसान आंदोलन को लेकर पिछले कई समयों से ये कहा जा रहा था कि इस आंदोलन में कुछ गैर-कानूनी संगठन का भी हाथ है। हालांकि अभी तक इस मामले में पुष्टि नहीं हुई है। आपको बता दें कि NIA ने खालिस्तानी संगठन और इनके द्वारा किए जाने वाले NGO की फंडिंग की लिस्ट तैयार की है, जो विदेश से मिले धन का भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं।
बता दें कि हाल ही में ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका में खालिस्तान समर्थकों ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में भारत के दूतावासों पर विरोध प्रदर्शन किया था। जिसे लेकर ऐसा माना जा रहा है कि इस विरोध प्रदर्शन में सिख फॉर जस्टिस, खालिस्तान जिन्दाबाद फोर्स, बब्बर खालसा इंटरनेशनल और खालिस्तान टाइगर फोर्स जैसे अलगाववादी संगठन के लोग शामिल थे।
सूत्रों की मानें तो 12 दिसंबर को गृह मंत्रालय में NIA, ED, IT, CBI और FCRA डिवीजन के अधिकारियों की एक बड़ी बैठक हुई थी। इसके बाद ये प्लान तैयार हुआ कि सिख फॉर जस्टिस, बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान जिन्दाबाद फोर्स, खालिस्तान टाइगर फोर्स पर शिकंजा कसने और विदेशी फंडिंग को खंगाला जाएगा। आपको बता दें कि जांच एजेंसियां ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जर्मनी से होने वाली विदेशी फंडिंग पर ध्यान रखे हुए है। इसके साथ ही वो उन रास्तों को भी ढूंढ़ रही है, जिनके जरिये विदेशी संगठन से कई NGO में पैसे पहुंचे हैं।