नई दिल्ली : ओबीसी आरक्षण बिल को लेकर केंद्र पर परोक्ष निशाना साधते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि दो दिन पूर्व केंद्र ने राज्यों से ओबीसी आरक्षण को लेकर एक सूची बनाने को कहा। कई लोगों ने इस पर सोचा कि राज्य सरकार द्वारा आरक्षण दिया जा सकता है, लेकिन उन्हें भ्रमित किया जा रहा है।
ओबीसी आरक्षण को लेकर हाल ही में संसद द्वारा पारित संविधान संशोधन विधेयक के मद्देनजर पवार ने यह बात कही। एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा कि कोर्ट पूर्व में फैसला दे चुकी है कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता है।
Now, the Centre has said that State Govts can prepare lists for OBC reservation and take a decision on it on their own level. But this will be of no benefit because almost all states have crossed the 50% mark. It’s important to bring this before the public: NCP chief Sharad Pawar
— ANI (@ANI) August 16, 2021
अब केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्य ओबीसी आरक्षण को लेकर सूची तैयार कर सकते हैं और अपने स्तर पर निर्णय कर सकते हैं। पवार के अनुसार इसका कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि लगभग सभी राज्य 50 फीसदी की सीमा पार कर चुके हैं। यह मुद्दा जनता के सामने लाना जरूरी है।
विदेश नीति की समीक्षा करने की जरूरत
भारत के पड़ोसी देशों, खासकर अफगानिस्तान के संदर्भ में पूछे गए एक सवाल पर पूर्व रक्षा मंत्री पवार ने कहा कि भारत की विदेश नीति पड़ोसी देशों, चीन व पाकिस्तान को छोड़कर, अच्छे संबंध रखने की रही है। लेकिन नेपाल, बांग्लादेश व श्रीलंका को लेकर स्थिति बदली है। यह समय है, जब हमें विदेशी नीति की समीक्षा करना चाहिए कि यह पड़ोसी देशों को लेकर कितनी प्रभावी है।
पवार ने यह भी कहा कि यह संवेदनशील मसला है। इस पर वह ज्यादा नहीं बोलेंगे। जरूरत पड़ी तो हम सरकार का समर्थन करेंगे, क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है।