14 फरवरी को पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का पहली जयंती है और इस मैके पर विदेश मंत्रालय ने प्रवासी भारतीय केंद्र का नाम बदलकर सुषमा स्वराज भवन और विदेश सेवा संस्थान का नाम बदलकर सुषमा स्वारज इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने विदेश मंत्री रहते हुए उनके योगदान को देखते हुए यह फैसला लिया है।
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अतुलनीय योगदान के लिए प्रवासी भारतीय केंद्र, दिल्ली का नाम सुषमा स्वराज भवन और विदेश सेवा संस्थान, दिल्ली का नाम सुषमा स्वराज इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस रखने का फैसला किया गया है।
इसके आगे मंत्रालय ने कहा कि, पूर्व विदेश मंत्री के दशकों तक पब्लिक सर्विस और उनकी विरासत को सम्मान देते हुए 14 फरवरी को उनकी पहली जयंती के अवसर पर यह घोषणा की जा रही है।
सुषमा स्वराज का छह अगस्त 2019 को 67 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। रात को घर पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा फिर उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा।