बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की तुलना में अधिक रिटर्न कमाने की चाहत रखने वाले निवेशक मुथूट फाइनेंस के नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) के बारे में विचार कर सकते हैं. गोल्ड लोन देने वाली इस कंपनी का एनसीडी ‘एए’ रेटिंग वाला है. इसमें सालाना 7.15 फीसदी से 8 फीसदी के बीच रिटर्न मिल सकता है. यह इश्यू मंगलवार से खुल गया है. इसमें 20 नवंबर तक निवेश किया जा सकता है.
मुथूट फाइनेंस की ओर से दी जाने वाली ब्याज दरें बैंकों और कॉरपोरेट डिपॉजिट के मुकाबले ज्यादा हैं. एसबीआई के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 5.4 फीसदी ब्याज है. जबकि एएए रेटेड कंपनी के कॉरपोरेट डिपॉजिट सालाना 6-6.5 फीसदी रिटर्न की पेशकश करते हैं. ज्यादा रिटर्न कम क्रेडिट रेटिंग के कारण है.
मनी हनी फाइनेंशियल सर्विसेज के एमडी और सीईओ अनूप भैया कहते हैं, “यह देखते हुए कि अभी ब्याज दरों में नरमी का माहौल बना रह सकता है. इसलिए बैंक या कॉरपोरेट डिपॉजिट की तुलना में यह एनसीडी 1.5 फीसदी अधिक कमाने का मौका देता है.
पब्लिक इश्यू का बेस इश्यू साइज 100 करोड़ रुपये का है. इसमें ओवरस्क्रिप्शन की स्थिति में 1,900 करोड़ रुपये से 2,000 करोड़ रुपये तक का विकल्प रखा गया है.
निवेशकों को इस इश्यू में मैच्योरिटी तक होल्ड करने के इरादे से पैसा लगाना चाहिए. वैसे तो एनसीडी शेयर बाजार में लिस्ट होते हैं, लेकिन इनमें लिक्विडिटी कम हो सकती है. निवेशकों के पास 38 महीने और 60 महीने की अवधि के साथ मुथूट के एनसीडी में पैसा लगाने का विकल्प है. फाइनेंशियल प्लानर 60 महीने के एनसीडी में पैसा लगाने की सलाह दे रहे हैं. इसमें रिटर्न ज्यादा 8 फीसदी है.
हाल के कुछ समय से निवेशक कम रेटिंग वाली कंपनियों के बॉन्ड या एनसीडी में पैसा लगाने से कतराने लगे हैं. सिलसिलेवार तरीके से कंपनियों की रेटिंग घटना और डिफॉल्ट करना इसकी मुख्य वजह है.
आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी होने के साथ निवेशक चिंतित हैं कि एनबीएफसी कैसे स्थितियों से निपटेंगी. यही कारण है कि वे जोखिम लेने के इच्छुक नहीं हैं. विश्लेषकों ने कहा कि मुथूट फाइनेंस की रेटिंग सबसे अच्छी न होने के बावजूद वह कई अन्य कंपनियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है.