सबसे ज्यादा निशाना नेट बैंकिंग, फोन बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग इस्तेमाल करने वाले लोगों को बनाया जा रहा है। अब केंद्रीय रिजर्व बैंक की ओर से ऐसे मामलों में नुकसान से बचने के लिए जरूरी टिप्स दिए गए हैं। आजकल स्कैमर फ़िशिंग ईमेल, एसएमएस और फोन कॉल करके लोगों को ठग रहे हैं और उनके पैसे की चोरी कर रहे हैं।
कभी-कभी ये ठग खुद को बैंक अधिकारी, आरबीआई अधिकारी, आयकर अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को मूर्ख बनाते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
रिजर्व बैंक ने बताया है कि अगर ग्राहक के बैंक खाते में धोखाधड़ी से लेनदेन हुआ हो तो नुकसान को रोकने के लिए बैंक को तुरंत सूचित करें। आरबीआई ने कहा कि अपने बैंक को सूचित करने में जितना समय लगाएंगे, आपको उतना ही ज्यादा नुकसान का जोखिम रहेगा।
अगर आपको पैसे चाहिए तो फ्रॉड की सूचना तुरंत अपने बैंक को दें। रिजर्व बैंक ने आगे बताया कि जब भी शिकायत दर्ज कराएं, बैंक से पावती लेना न भूलें। जानकारी के 90 दिनों के भीतर बैंक को आपकी शिकायत सुलझानी होगी।
.@RBI कहता है..
अगर आपके बैंक खाते में धोखाधड़ी से लेनदेन हुआ हो तो अपने नुकसान को सीमित करने के लिए बैंक को तुरंत सूचित करें।#BeAware #BeSecure#rbikehtahai #StaySafehttps://t.co/mKPAIp5rA3@SrBachchan pic.twitter.com/PTXAEABgND— RBI Says (@RBIsays) October 21, 2020
बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए सिम स्वैप या सिम स्पूफिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए अपने बैंकिंग डिटेल की जानकारी किसी भी अंजान नंबर पर शेयर न करें। बिना सत्यापित सोर्स को कभी भी पैसे न भेजें और कोशिश करें कि सुरक्षित गेटवे के जरिए भुगतान की जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कभी भी अपने लेन-देन की डिटेल, कार्ड डिटेल शेयर न करें। क्योंकि वहां आसानी से इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। यदि आपको अपने बैंक खाते के बारे में कोई अनधिकृत लेनदेन की जानकारी मिलती है तो आप तुरंत इसकी जानकारी बैंक को दें।