पीएम मोदी ने दिल्ली में हुए ब्लास्ट को लेकर कहा कि इस घटना में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। मोदी 2 दिन के दौरे पर आज ही भूटान पहुंचे हैं। उन्होंने स्पीच देते हुए कहा कि वे यहां पर भारी मन से आए हैं।
कल शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना से सभी के मन को दुखी कर दिया है। मोदी ने आगे कहा, ‘इस साजिश के पीछे जो भी लोग हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। हमारी एजेंसियां इस साजिश की तह तक जाएंगी।’
सोमवार को दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट को लेकर भावुक हो गए। मोदी ने मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दोषियों को सजा देने की बात कही। दरअसल, सोमवार को दिल्ली ब्लास्ट पर भूटान में भावुक हुए प्रधानमंत्री मोदी — बोले, “भारी मन से आया हूं, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”
दिल्ली में हुए भीषण ब्लास्ट के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने दो दिवसीय भूटान दौरे पर पहुंचे। थिम्पू में आयोजित ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में बोलते हुए पीएम मोदी भावुक हो गए और कहा कि वे यहां भारी मन से आए हैं, क्योंकि दिल्ली की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है।
“कल शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना ने हर भारतीय के मन को दुखी कर दिया है। इस साजिश के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा| दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा,” — पीएम मोदी।
दिल्ली ब्लास्ट में 9 की मौत, 24 घायल — UAPA के तहत FIR दर्ज
सोमवार शाम 6:52 बजे, लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास चलती कार में जोरदार विस्फोट हुआ। अब तक 9 लोगों की मौत और 24 घायल होने की पुष्टि हुई है। दिल्ली पुलिस ने मामले में UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत FIR दर्ज कर ली है। सुरक्षा एजेंसियां अब आतंकी हमले के एंगल से जांच कर रही हैं। हालांकि, मौके से RDX के साक्ष्य नहीं मिले, परंतु ब्लास्ट में उपयोग किए गए विस्फोटक के स्वरूप की जांच जारी है।
भूटान के राजा ने थिम्पू के चांगलिमथांग स्टेडियम में हजारों लोगों के साथ दिल्ली विस्फोट के पीड़ितों के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस अवसर पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि “भूटान की इस संवेदना ने भारत के 140 करोड़ नागरिकों के दिल को छुआ है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का आदर्श “वसुधैव कुटुम्बकम” रहा है, जिसका अर्थ है — पूरी दुनिया एक परिवार है। “आज जब विश्व शांति की प्रार्थनाएं हो रही हैं, तो इन प्रार्थनाओं में 140 करोड़ भारतीयों की भी शक्ति शामिल है।” उन्होंने कहा कि भारत और भूटान के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रिश्ते विश्व के लिए प्रेरणा हैं।
भारत-भूटान मिलकर बनाएंगे सैटेलाइट
पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत और भूटान मिलकर एक संयुक्त सैटेलाइट परियोजना पर काम कर रहे हैं। यह मिशन दोनों देशों के अंतरिक्ष सहयोग में एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा। “हमारा सहयोग केवल सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरिक्ष तक पहुंच चुका है,” — मोदी ने कहा।
गेलेफू के पास बनेगा नया इमिग्रेशन चेक प्वाइंट
प्रधानमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि भारत सरकार भूटान में गेलेफू के पास एक नया इमिग्रेशन चेक प्वाइंट (ICP) स्थापित करेगी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई रफ्तार मिलेगी।
वाराणसी में बनेगा भूटानी मंदिर
पीएम मोदी ने बताया कि भारत सरकार वाराणसी में भूटानी लोगों के लिए मंदिर और धर्मशाला के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध करा रही है। “इन मंदिरों से भारत-भूटान के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध और मजबूत होंगे।” उन्होंने याद किया कि दो महीने पहले भारत के राजगीर में रॉयल भूटानी मंदिर का उद्घाटन किया गया था, जो दोनों देशों की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है।
भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पहले ही पा चुके हैं मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 22 मार्च 2024 को भूटान के राजा ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान…“ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो” से सम्मानित किया था। वे यह सम्मान पाने वाले पहले गैर-भूटानी नेता बने। मोदी ने यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित करते हुए कहा था — “यह भारत और भूटान के अटूट बंधन का प्रतीक है।”
भारत के लिए क्यों खास है भूटान
1. रणनीतिक महत्व: भूटान भारत और चीन के बीच एक बफर जोन का काम करता है। इसका नियंत्रण भारत की सुरक्षा के लिए अहम है।
2. आर्थिक सहयोग: भारत ने भूटान में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स — पुनातसंगछू, ताला और मंगदेछू — में निवेश किया है। भूटान अपनी 75% बिजली भारत को निर्यात करता है।
3. सांस्कृतिक संबंध: दोनों देशों का रिश्ता बौद्ध धर्म और साझा सांस्कृतिक विरासत पर आधारित है।
4. ग्लोबल सपोर्ट: भूटान UN सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है।
5. चीन से संतुलन: भूटान में चीन का प्रभाव रोकना भारत की भूराजनीतिक प्राथमिकता का हिस्सा है।
भूटान की धरती से प्रधानमंत्री मोदी का संदेश केवल शांति का आह्वान नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प का प्रतीक था। दिल्ली ब्लास्ट के बाद उनका यह बयान देश के लोगों के लिए संवेदना और न्याय का भरोसा लेकर आया। साथ ही, भारत-भूटान के रिश्तों में यह यात्रा आध्यात्मिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग का नया अध्याय खोलेगी।