मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम अपने एक सप्ताह लंबे भारत दौरे के अंतिम चरण में रविवार देर रात दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए भारत सरकार की ओर से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मौजूद रहे। भारतीय परंपरा और संस्कृति के अनुरूप प्रधानमंत्री रामगुलाम का स्वागत किया गया। उनकी यह यात्रा भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री रामगुलाम 9 से 16 सितंबर तक भारत यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने कई राज्यों और धार्मिक स्थलों का दौरा किया। दिल्ली पहुंचने से पहले वे आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित तिरुमाला मंदिर में दर्शन के लिए गए थे। इसके अलावा उन्होंने ब्रह्मऋषि आश्रम में भी शिरकत की, जहां सिद्ध गुरु सिद्धेश्वर ब्रह्मास्मि गुरुदेव स्वामी ने उन्हें राष्ट्रपिता जैसा बताया। स्वामी ने कहा कि मॉरीशस में उनकी संस्था करीब 1,000 मिलियन डॉलर का निवेश शिक्षा और विकास कार्यों में करेगी।
आश्रम कार्यक्रम के दौरान गुरुजी ने प्रधानमंत्री रामगुलाम की सादगी और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे न केवल मॉरीशस के संस्थापक जैसे हैं, बल्कि वहां के समाज को दिशा देने वाले भी हैं। प्रधानमंत्री रामगुलाम ने इसे अपने लिए एक गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव बताया और कहा कि वे लंबे समय से इस यात्रा का इंतजार कर रहे थे।
भारत से अपने जुड़ाव को लेकर उन्होंने कहा कि आस्था और प्रार्थना के लिए वे हमेशा आम श्रद्धालुओं की तरह पंक्ति में खड़े होकर दर्शन करना पसंद करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष संसद सत्र के दौरान कुछ लोगों ने उनसे आग्रह किया था कि वे स्वामी से मिलें और अब उन्होंने उस वादे को पूरा किया है।