भोपाल के रविंद्र भवन में ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनने के साथ ही जितने भी चुनौती भरे काम हाथ में लिए हैं और देश को मार्गदर्शन देते हुए दुनिया के सामने भारत का मान-सम्मान बढ़ाने का काम किया है। दूरदर्शी निर्णय लेकर मध्य प्रदेश सहित पूरे देश को सशक्त बनाने का उनका एक-एक निर्णय हम सबको गौरवान्वित करता है। युगदृष्टा समय के साथ समय के पहले और केवल सपना देखना नहीं सपनों को आखों के सामने लाकर दिखा देना। अगर अतीत में असंभव से असंभव काम के लिए कोई व्यक्ति जाना जाएगा तो वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाने जाएंगे।

डॉ. यादव ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जब पूर्ण बहुमत की सरकार थी जब शाहबानो प्रकरण का सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से निर्णय हुआ कि तीन तलाक से मुस्लिम बहनों की जिंदगी नरक हो जाती है। बहुमत की सरकार होने के बावजूद हमारी तब की लोकसभा ने उस निर्णय को बदल दिया। वास्तव में हमारी बहनों के लिए फिर गलत मार्ग दिखाया यह अपराध जैसा घटनाक्रम था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कितने प्रकार के निर्णय हुए हैं। 40 साल पुरानी गलती को भी सुधारने का निर्णय अगर किसी ने किया है। तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया है। हमारी सरकार बनने के बाद हमने भी बहुत सारे निर्णय किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती ने अकबर के साथ 52 युद्ध लड़ते लड़ते अपने प्राणों की आहुति देते हुए मध्यप्रदेश सहित देश को गौरवान्वित करने का काम किया। हमारी सारी बहनों से समृद्ध सभागार में मौजूद समस्त अतिथिगण, आगंतुक अतिथिगण और हमारी सारी बहनें अहिल्या महारानी का भी 300वीं जयंती मनाने का गौरव मध्यप्रदेश सरकार को मिला है। यह गौरव की बात है। हालांकि उनका शासन 5 जिलों तक सीमित था लेकिन उन्होंने अपनी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रभावना के बलबूते पर मुगल सत्ता के उस दौर में भी लगा कि बनारस में बाबा विश्वनाथ का मंदिर भी बनना चाहिए तो गंगा के किनारे घाट भी बनाया और बाबा विश्वनाथ का धाम भी बनाया और घाट भी बनाया। शासन के सूत्र जब बहनों के हाथ आते हैं तो कितने प्रकार से काम किए जा सकते हैं। ऐसे भी कई उत्कृष्ठ उदाहरण भरे पड़े हैं।

हमारी बहन सुमित्रा महाजन लोकसभा की अध्यक्ष रही, उन्होंने लोकसभा का संचालन करते हुए जिस तरह से उन्होंने काम किया प्रधानमंत्री ने उन्हें भी पद्म पुरस्कार दिया। इसी राज्य के ग्वालियर अंचल से विजय राजे सिंधिया जी को भी याद करना पड़ेगा। उन्होंने अपने सामने होने वाले अन्याय का जमकर प्रतिकार किया। कांग्रेस के शासनकाल में जो बस्तर के राजा को घर में घुसकर मारने का जो अपराध किया गया था यह घृणित अपराध था। राजमाता सिंधिया ने इसका विरोध करते हुए सरकार छोड़ी और अपने जनबल और विधायकों के समर्थन के बलबूते पर लोकतंत्र में सच्ची लड़ाई लड़ते हुए 1967 में सरकार बनाई। जनसंघ में रहकर कोई पद नहीं लिया और जनता के कामों में जुटी रही। देश का सर्वोच्च पद हमारी आदिवासी बहन द्रोपदी मुर्मू को देकर हमे गौरवान्वित किया है। कल का दिन संसद में बहुत महत्वपूर्ण है।
मध्य प्रदेश सरकार ने 50 प्रतिशत आरक्षण स्थानीय निकाय में प्रदेश भर में हर जगह दिया है। जिस देश के अंदर आदिकाल से ही माता बहनों के लिए आस्था और श्रद्धा रही हो, दुनिया के 200 देशों मे से जो देश अपने आप को मातृ सत्ता प्रधान देश मानता हो यह हमें गौरवान्वित करता है। सुषमा स्वराज, उमाभारती सहित तमाम बहनों ने मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी को शुभकामनाएं दी।