नई दिल्ली : किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्य कमेटी का गठन किया था, जो भूपिंदर सिंह मान द्वारा इस्तीफा देने के बाद तीन सदस्यों तक ही सीमित रह गया। हालांकि इसके बाद भी इस कमेटी ने अपने कार्य को जारी रखा। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने आज अपमनी पहली बैठक की, हालांकि उन्होंने इस दौरान किसी बात पर चर्चा ना कर आगे का डेट दिया।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा कृषि कानूनों पर गठित की गई कमेटी के सदस्य अनिल घनवट ने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं कि हमें सभी किसान संगठनों (जो कानूनों का समर्थन कर रहे हैं और जो कानूनों का विरोध कर रहे हैं), हितधारकों को सुनना है और रिपोर्ट तैयार करके सुप्रीम कोर्ट को भेजनी है।
उन्होंने कहा कि आज की बैठक में तय हुआ है कि किसानों के साथ पहली बैठक 21 जनवरी को सुबह 11 बजे होगी। जो किसान संगठन बैठक में नहीं आ सकते हैं हम उनका मत वीडियो कांफ्रेंसिंग से जानेंगे। गौरतलब है कि किसान और सरकार के बीच तकरीबन दो महीने से रार छिड़ा हुआ है, जो सड़कों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा है।
हालांकि सरकार भी इस आंदोलन को लेकर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है, जबकि किसान अपनी जिद्द पर अड़े है। अब देखना यह है कि किसान, सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच चल रहें इस मामले में क्या निर्णय आता है।