1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. SBI Conclave 2025 : बुनियादी ढांचे के निर्माण पर सरकार का मुख्य फोकस: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

SBI Conclave 2025 : बुनियादी ढांचे के निर्माण पर सरकार का मुख्य फोकस: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे के निर्माण और बैंकिंग क्षेत्र के सशक्तिकरण पर है। उन्होंने बताया कि पूंजीगत व्यय में पांच गुना वृद्धि और बैंकिंग सुधारों से अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है।

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
SBI Conclave 2025 : बुनियादी ढांचे के निर्माण पर सरकार का मुख्य फोकस: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक मूल्य शृंखला इस समय एक विघटनकारी दौर से गुजर रही है, ऐसे में भारत सरकार का मुख्य ध्यान बुनियादी ढांचे के निर्माण और पूंजीगत व्यय को बढ़ाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में पूंजीगत व्यय में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार को नई दिशा मिली है।

वित्त मंत्री 12वें एसबीआई बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य मजबूत बैंकिंग तंत्र के माध्यम से औद्योगिक ऋण प्रवाह को और गहरा बनाना है। इस दिशा में सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और विभिन्न बैंकों के साथ मिलकर काम कर रही है। सीतारमण ने कहा कि भारत को बड़ी संख्या में विश्वस्तरीय बैंकों की आवश्यकता है ताकि वैश्विक वित्तीय प्रतिस्पर्धा में देश की स्थिति मजबूत हो सके।

उन्होंने बताया कि सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में कई बड़े सुधार किए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एकीकरण से बैंकिंग प्रणाली को अधिक सशक्त बनाया गया है। 2017 में जहां देश में 27 सरकारी बैंक थे, वहीं अब इनकी संख्या घटकर 12 रह गई है। 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी हुए बैंकों के चार बड़े विलयों में पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को मजबूत किया गया। इससे पहले देना बैंक, विजया बैंक और एसबीआई की सहयोगी शाखाओं का भी विलय किया गया था।

वित्त मंत्री ने आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार और एलआईसी अपनी हिस्सेदारी बेचने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सेबी ने अगस्त 2025 में आईडीबीआई बैंक में रणनीतिक विनिवेश पूरा होने के बाद एलआईसी को सार्वजनिक शेयरधारक के रूप में पुनर्वर्गीकृत करने की मंजूरी दी है।

सीतारमण ने कहा कि सरकार तकनीकी नवाचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि 2014 में जहां डेटा की कीमत 300 रुपये प्रति जीबी थी, वहीं आज यह घटकर केवल 10 रुपये प्रति जीबी रह गई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सरकार ने अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है और 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है।

उन्होंने विश्वास जताया कि जीएसटी दरों में कमी और बुनियादी ढांचे में बढ़ते निवेश से देश में निवेश का नया दौर शुरू होगा, जो भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगा।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...