भोपाल (मध्य प्रदेश)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक में रीवा, देवास और गुना के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की मंजूरी दी गई है।
सरकार ने बताया कि कई स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इन केंद्रों में दवाइयों की व्यवस्था सरकार करेगी, जबकि विशेषज्ञ डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की नियुक्ति निजी संचालकों द्वारा की जाएगी।
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि बड़े अस्पताल खोलने वाली संस्थाओं और चैरिटेबल ट्रस्टों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी तथा सुपर स्पेशियलिटी मशीनों पर अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए एक मंत्री समूह नई नीति तैयार करेगा।

बैठक में इंदौर मेट्रो परियोजना की बढ़ी हुई लागत लगभग 12,900 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई। साथ ही तबादला नीति की समय सीमा में एक दिन की वृद्धि को भी स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट में 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा की गई। राज्य स्तरीय कार्यक्रम जबलपुर में आयोजित होगा। इसके अलावा टाइगर प्रोजेक्ट, साइबर सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।