भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक का समापन साझा घोषणापत्र के साथ हुआ। तीन दिनों तक चले कार्यक्रम में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने संस्कृति, विरासत के संरक्षण और आपसी सांस्कृतिक सहयोग को लेकर विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और इसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने के उपायों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही संस्कृति को सामाजिक और आर्थिक विकास से जोड़ने तथा सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
BRICS संस्कृति एजेंडे में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई। सदस्य देशों के बीच रचनात्मक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल तथा नवाचार को बढ़ावा देने के अवसरों पर विचार किया गया।

बैठक में दूसरे देशों में मौजूद सांस्कृतिक संपदाओं को उनके मूल देशों में वापस लाने के मुद्दे पर भी सहयोग बढ़ाने की बात सामने आई। भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान सांस्कृतिक संपदा की वापसी और विरासत संरक्षण को प्रमुख विषयों में शामिल किया गया है।
भोपाल में BRICS के 11 सदस्य देशों के बीच संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता के तहत संस्कृति कार्य समूह की बैठक और संस्कृति मंत्रियों की बैठक समेत कई कार्यक्रम भोपाल में हुए।
सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश
बैठक के जरिए सदस्य देशों ने संस्कृति को सहयोग और सतत विकास के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया। माना जा रहा है कि इस पहल से BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक साझेदारी, विरासत संरक्षण और रचनात्मक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।