नई दिल्ली : सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान लगातार पिछले 51वें दिनों से आंदोलन कर रहे है, फिर भी सरकार हैं की उनकी मांगों को मानने को तैयार नहीं है। एक तरफ जहां किसान लगातार सरकार से इन तीनों कानूनों को हटाने की मांग कर रही हैं तो वहीं सरकार इन तीनों कृषि कानून में लगातार संशोधन की बात कर रहें है, जिसे किसान मानने को तैयार नहीं है।
गौरतलब है कि आज एक बार फिर किसान और सरकार के बीच 9वें दौर का बैठक होना है। इसे लेकर तमाम किसान नेता बैठक स्थल की ओर निकल चुके है। वहीं सरकार भी इस मूड में है कि वे इस बैठक में कोई नतीजा निकाल सकें। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस आंदोलन के समाधान के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, जिसे पहले ही मान सिंह के रूप में झटका लग चुका है, जिन्होंने खुद को इस कमेटी से अलग कर लिया है।
अब सवाल यह उठता है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी में तीन सदस्य ही रह गये हैं तो क्या यह कमेटी कार्य करेगी। अगर करेगी तो इसका परिणाम क्या आयेगा। वहीं अब जब सरकार और किसानों के बीच 9वें दौर का बैठक होना हैं तो क्या यह निर्णय निकाल पायेगा। क्योंकि इससे पहले हुई सभी आठ बैठकों में ना तो किसान मानने को तैयार और ना सरकार झुकने को।
आपको बता दें कि किसानों अपने इन्हीं मांगों को लेकर टिरकी बॉर्डर पर कड़कती ठंड में अर्द्ध नग्न प्रदर्शन किया है, जिससे वो सरकार को झुका सकें। अब देखना यह है कि इस बैठक का क्या नतीजा निकलता है।