प्रिंट इंडस्ट्री कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण बड़े संकट में है। आपको शायद यह जानकार बड़ी हैरानी होगी की सिर्फ 2 महीने के लॉकडाउन में देश की प्रिंट मीडिया को 4500 करोड़ का नुकसान हो गया है।
इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी (आईएनएस) ने एक अनुमान लगाया है कि यह घाटा अगले 7 महीने तक जारी रहेगा और इससे लगभग 15 हज़ार करोड़ का नुकसान हो सकता है।
इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी के प्रेजिडेंट शैलेश गुप्ता ने कहा कि घाटे की वजह से अखबार कंपनियां अपने एम्प्लॉइज और वेंडर्स के वेतन का भुगतान करने में असमर्थ हैं।
आपको बात दे कि इस संभावित नुकसान का अंदाज़ा लगाते हुए आईएनएस ने सरकार से एक गुजारिश की है। आईएनएस ने सरकार को लिखे पत्र में न्यूजप्रिंट पर लगने वाले 5 फीसदी कस्टम ड्यूटी को भी हटाने का अनुरोध किया है।
पत्र में लिखा गया है कि प्रिंट में अखबारी कागज़ की लागत ही 40 से 60 फीसदी तक है। इसके अलावा इंडस्ट्री से 30 लाख कर्मी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।
इसके अलावा पत्र में विज्ञापन की दरें बढ़ाने और प्रिंट इंडस्ट्री के बजट में सौ फीसद की बढ़ोतरी करने का भी आग्रह किया है।