मकान खरीदने के लिए किया जाने वाला निवेश बहुत बड़ा होता है और बिना होम लोन के घर खरीदना मध्यम वर्ग के लोगों के लिए मुमकिन नहीं होता है।
अब कुछ दिनों में ही नवरात्रि की शुरुआत के साथ त्योहारी मौसम शुरू हो जाएगा। त्योहारी मौसम में अधिकतर बिल्डर काफी आकर्षक ऑफर की पेशकश करते हैं। दूसरी ओर रेपो रेट के काफी नीचे होने से होम लोन भी काफी सस्ता है।
अगर आप भी नया मकान लेने की सोच रहे हैं तो इसके लिए आपको कुछ चीजों को ध्यान में रखने की जरूरत है। सबसे पहले आपको यह जानने की जरूरत है कि आप जिस बिल्डर से फ्लैट खरीदने जा रहे हैं, वह बिल्डर और प्रोजेक्ट अप्रुव्ड है या नहीं।
प्रोजेक्ट अप्रुव्ड नहीं होने पर बैंक आपको लोन नहीं देंगे। साथ ही रेरा रजिस्ट्रेशन और बिल्डर के ट्रैक रिकॉर्ड पर भी गौर करने की जरूरत होती है। इसके बाद विभिन्न बैंकों के होम लोन के रेट की तुलना करनी चाहिए।
सबसे कम ब्याज दर पर होम लोन देने वाले 5 बैंकों के नामः
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India): सार्वजनिक क्षेत्र का यह बैंक 6.70 फीसद की दर से होम लोन की पेशकश कर रहा है। यह बैंक लोन की राशि पर 0.50 फीसद की दर से प्रोसेसिंग फीस लेता है। हालांकि, यहां प्रोसेसिंग फीस 15,000 रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती है।
- बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India): यह लेंडर 6.85 फीसद की दर से होम लोन दे रहा है। बैंक ऑफ इंडिया लोन की कुल राशि पर 0.25 फीसद की दर से प्रोसेसिंग वसूलता है। यह राशि न्यूनतम 1,500 रुपये और अधिकतम 20,000 रुपये के बीच होती है।
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India): इस बैंक से होम लोन लेने पर आपको 6.85 फीसद की दर से ब्याज का भुगतान करना होगा। बैंक ने लोन की राशि के 0.50 फीसद के बराबर प्रोसेसिंग फीस रखा है। हालांकि, यहां बैंक ने 20,000 रुपये की अधिकतम सीमा तय की है।
- केनरा बैंक (Canara Bank): पब्लिक सेक्टर का यह बैंक 6.90 फीसद की ब्याज दर पर आवासीय ऋण ऑफर कर रहा है। बैंक लोन की कुल राशि पर 0.50 फीसद की दर से प्रोसेसिंग फीस वसूलता है। बैंक ने प्रोसेसिंग फीस के रूप में न्यूनतम 1,500 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये की सीमा तय कर रखी है।
- एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): प्राइवेट सेक्टर का देश का सबसे बड़ा बैंक भी 6.90 फीसद की दर से होम लोन दे रहा है। अगर प्रोसेसिंग फीस की बात की जाए तो बैंक लोन की राशि के 0.5 फीसद की दर से यह शुल्क वसूलता है। हालांकि, यह रकम 3,000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।