इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड मुनाफा 8.6 फीसदी बढ़कर 1974 करोड़ रुपये रहा. पिछले साल दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 1,818 करोड़ रुपये था. दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 15.19 फीसदी बढ़कर 11,510 करोड़ रुपये रहा.
पिछले साल की दूसरी तिमाही में कंपनी ने 10,223 करोड़ रुपये रेवेन्यू हासिल किया था. एचयूएल के बोर्ड ने प्रति शेयर 14 रुपये डिविडेंड का एलान किया है. कंपनी के सीएमडी संजीव मेहता ने कहा, “चुनौतीपूर्ण आर्थिक स्थितियों में हमारी ग्रोथ प्रतिस्पर्धी रही है. हम लगातार योजनाएं पूरी करने, नई स्थितियों में ढलने और लचीलापन दिखा रहे हैं.
मेहता ने कहा कि कंपनी का कामकाज और सेवाओं का स्तर फिर से कोरोना से पहले के स्तर पर पहुंच गया है. ‘री-इमेजिन’ एजेंडा के तहत कंपनी ने कामकाज को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. उन्होंने कहा, “सरकार और आरबीआई की तरफ से उठाए गए कदमों से आर्थिक परिदृश्य में सुधार आया है.
हमारे सेक्टर में ग्रामीण बाजार ने लचीलापन दिखाया है. लेकिन, शहरी खासकर मेट्रो शहरों में मांग अब भी कमजोर है. हमारा मानना है कि खराब दौर बीत चुका है. हम मांग बढ़ने को लेकर आशावान हैं.
एचयूएल ने कहा है कि हाउसहोल्ड केयर सेगमेंट में सभी कैटेगरी में अच्छी ग्रोथ दिखाई है. फैब्रिक वॉश में कच्चे माल की कीमतों में कमी का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए उत्पाद की कीमतों में कमी की गई है.
लॉन्ड्री सेक्टर में उत्पादों की खपत पर असर पड़ा है. इसकी वजह यह है कि लोग घरों में ज्यादा रह रहे हैं. लगातार मार्केट डेवलपमेंट पर फोकस से हमें लिक्विड और फैब्रिक में सुधार दिखा है.
कंपनी के स्किन क्लिनजिंग सेगमेंट का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा. इसमें लाइफबॉय और लक्स का बड़ा योगदान रहा. कंपनी के सैनेटाइजर्स और हैंडवॉश सेगमेंट ने शानदार ग्रोथ दिखाई है. कंपनी का ओरल केयर बिजनेस भी अच्छा बढ़ा है.
क्लोजअप से काफी मदद मिली है. कंपनी के हेयरकेयर बिजनेस ने दोहरे अंक में ग्रोथ दिखाई है. मंगलवार को एचयूएल के शेयर का भाव 0.17 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,174.20 रुपये पर बंद हुआ.