1. हिन्दी समाचार
  2. बिहार
  3. कैमूर में शुरू हुआ हेलीकॉप्टर टूरिज्म, मां मुंडेश्वरी धाम के लिए पहली उड़ान से बढ़ी उम्मीदें

कैमूर में शुरू हुआ हेलीकॉप्टर टूरिज्म, मां मुंडेश्वरी धाम के लिए पहली उड़ान से बढ़ी उम्मीदें

कैमूर के मां मुंडेश्वरी धाम में हेलीकॉप्टर टूरिज्म की शुरुआत हो गई है। पहली उड़ान के जरिए श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर माता के दर्शन किए। पटना से करीब 6 हजार रुपये में हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ लिया जा सकेगा। पर्यटन विभाग धाम को विकसित कर रोजगार बढ़ाने और यूनेस्को साइट के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रहा है।

By: Nivedita 
Updated:
कैमूर में शुरू हुआ हेलीकॉप्टर टूरिज्म, मां मुंडेश्वरी धाम के लिए पहली उड़ान से बढ़ी उम्मीदें

कैमूर जिले के प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी धाम में पर्यटन को नई दिशा देने की पहल शुरू हो गई है। जिले में हेलीकॉप्टर टूरिज्म सेवा की शुरुआत करते हुए पहली बार हेलीकॉप्टर मां मुंडेश्वरी धाम पहुंचा। इस उड़ान के जरिए आए यात्रियों ने माता रानी के दर्शन किए और इस नई सुविधा का लाभ उठाया।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई नई पहल

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार कैमूर दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने जिले के विकास और पर्यटन विस्तार को लेकर कई घोषणाएं की थीं। इनमें मां मुंडेश्वरी धाम के लिए हेलीकॉप्टर टूरिज्म योजना भी शामिल थी। अब इस योजना के धरातल पर उतरने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।

पटना से 6 हजार रुपये में कर सकेंगे मुंडेश्वरी दर्शन

हेलीकॉप्टर टूरिज्म के तहत श्रद्धालु अब पटना से करीब 6 हजार रुपये में मां मुंडेश्वरी धाम की यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिला प्रशासन ने पहली उड़ान के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए।

 

धाम के विकास और रोजगार बढ़ाने पर रहेगा फोकस

पटना से पहुंचे पर्यटन विभाग के सचिव ने बताया कि मां मुंडेश्वरी धाम को बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही आसपास के लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

यूनेस्को साइट के रूप में विकसित करने की तैयारी

पर्यटन विभाग ने आने वाले समय में मां मुंडेश्वरी धाम को यूनेस्को साइट के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम करने की बात कही है। इससे देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा धाम परिसर में मौजूद प्राचीन अवशेषों और ऐतिहासिक धरोहरों को पुरातत्व विभाग के नियमों के अनुसार संरक्षित और व्यवस्थित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

 

रिपोर्ट – धीरेंद्र सिंह राजपूत 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...