नई दिल्ली : सरकारी भारत बॉन्ड ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) का तीसरा चरण आगामी तीन दिसंबर को खुलेगा और सप्ताह भर तक खुला रहेगा। इसका सब्सक्रिप्शन नौ दिसंबर को बंद होगा। भारत बॉन्ड के तीसरे चरण के जरिए सरकार की योजना 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। गौरतलब है कि यह देश का पहला कॉरपोरेट बांड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) है। भारत बॉन्ड ईटीएफ में कम से कम निवेशक 1,000 रुपये निवेश कर सकते हैं। इसके बाद 1,000 रुपये के मल्टीपल में निवेश का विकल्प मौजूद होता है।
क्या होता है ईटीएफ
भारत बॉन्ड ईटीएफ एक एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है, जो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बॉन्ड में निवेश करता है। मौजूदा समय में ईटीएफ केवल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के ‘एएए’ रेटिंग वाले बॉन्ड में निवेश करता है। एडलवाइस एसेट मैनेजमेंट इस योजना की कोष प्रबंधक है। योजना सूचना दस्तावेज (एसआईडी) पहले ही पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड(सेबी) के पास दाखिल किया जा चुका है।
पहली और दूसरी किस्त से जुटाए इतने करोड़
भारत बॉन्ड ईटीएफ की पहली किस्त की पेशकश दिसंबर 2019 में की गई थी इसके जरिए सरकार ने लगभग 12,400 करोड़ रुपये की राशि जुटाई थी। दूसरी किस्त को जुलाई 2020 में लॉन्च किया गया था। यह तीन गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था। सरकार ने इससे 11,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।
भारत बॉन्ड ईटीएफ के तीसरे चरण के इश्यू का मूल आकार ‘मुक्त ग्रीन शू विकल्प’ के साथ 1,000 करोड़ रुपये का होगा। ईटीएफ की तीसरी किस्त के अप्रैल 2032 में मैच्योर होने की उम्मीद है। भारत बॉन्ड ईटीएफ वित्त मंत्रालय के तहत निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) की एक पहल है और एडलवाइस एमएफ द्वारा प्रबंधित है। फिलहाल, अलग-अलग मैच्योरिटी वाले चार भारत बॉन्ड ईटीएफ हैं। अप्रैल 2023, अप्रैल 2025, अप्रैल 2030 और अप्रैल 2031। भारत बॉन्ड ईटीएफ ने अपनी दूसरी किस्त में 5 और 12 साल के मैच्योरिटी विकल्प की पेशकश की, जबकि पहली किस्त में मैच्योरिटी विकल्प 3 और 10 साल के लिए थे।