नई दिल्ली : ”ये व्हाट्सएप बातचीत पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। हर देशभक्त भारतीय स्तब्ध है क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है। यह हमारे सशस्त्र बलों खासकर वायु सेना के जवानों की सुरक्षा से जुड़ा है।” ये कहना है पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी का। उन्होंने कहा कि,’ देश के आम लोगों और राजनीतिक दलों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय आता है तो फिर पूरा देश एक होता है।
गौरतलब है कि एंटनी ने ये बातें रिपब्लिक टीवी के ऑनर अर्नब गोस्वामी और टीवी रेटिंग एजेंसी बार्क के पूर्व सीईओ पार्थोदास गुप्ता की लीक हुए कथित व्हाट्सएप चैट को लेकर कहा है। उन्होंने कहा कि, ”राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी और बहुत संवेदनशील जानकारी कुछ ऐसे लोगों के पास थी जिनके पास नहीं होनी चाहिए। शहीद जवानों के बारे में जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया उससे मैं बहुत दुखी हूं।”
इसके साथ ही उन्होंने सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि, ”सरकार में शीर्ष पदों पर बैठे सिर्फ चार-पांच लोगों को इस तरह के अभियान के बारे में पता होता है, ऐसे में बालाकोट एयर स्ट्राइक से कुछ दिनों पहले एक पत्रकार को इस बारे में कैसे पता चला?”
उन्होंने कहा कि, ”गोपनीय जानकारी लीक करना एक आपराधिक कृत्य है. सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करना राष्ट्र विरोधी कृत्य और राष्ट्रद्रोह है। इस तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की जांच जरूरी है।” पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा, ”संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे। सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत जो करना चाहिए था वो नहीं किया. मुझे उम्मीद है कि जांच होगी और जो गुनाह हुआ है उसकी सजा मिलेगी।”
वहीं पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने व्हाट्सएप बातचीत में न्यायपालिका के संदर्भ में कथित तौर पर उल्लेख होने का हवाला देते हुए कहा कि, ”न्यायपालिका न्याय का मंदिर है। इस व्हाट्सएप बातचीत में जो बातें सामने आई है, वो बहुत दुखद है। गंदी राजनीति से न्यायपालिका को दूर रखा जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि, ”इस बातचीत में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के बारे में जो बातें की गई हैं वो बहुत दुखद हैं। ये बातें बहुत विचिलित करती हैं।”
आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही अर्नब गोस्वामी और पार्थदासगुप्ता का ह्वाट्सएप चैट लिक हुआ था, जिसमें बालाकोट स्ट्राइक जैसे घटनाओं के साथ ही कई महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधित बातों का जिक्र था। जिसका जिक्र नहीं होना चाहिए। अब जबकि यह ह्वाट्सएप चैट लीक हो चुका हैं तो इसे लेकर सरकार क्या कदम उठाती हैं, ये देखने दिलचस्प होगा। क्योंकि कुछ लोगों का ऐसा मानना हैं कि केंद्र सरकार अर्नब गोस्वामी या इस घटना में संलिप्त लोगों को सजा देने से बचना चाहती है।