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खाद संकट और ई-टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

शिवपुरी में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने खाद वितरण, ई-टोकन व्यवस्था, फार्मर आईडी और राजस्व मामलों के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समस्याओं के समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।

By: BS Yadav 
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खाद संकट और ई-टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

शिवपुरी। जिले भर के किसानों ने भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने खाद वितरण में आ रही समस्याओं, ई-टोकन व्यवस्था की खामियों, लंबित फार्मर आईडी प्रकरणों और राजस्व मामलों के निराकरण की मांग करते हुए प्रशासन का ध्यान विभिन्न समस्याओं की ओर आकर्षित किया।

किसानों का कहना है कि ई-टोकन प्रणाली में सर्वर की धीमी गति के कारण उन्हें खाद प्राप्त करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेती के महत्वपूर्ण समय में किसान घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं, लेकिन टोकन बुकिंग नहीं हो पा रही है। इसके अलावा कई सहकारी समितियों में खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध नहीं है और नगद खाद वितरण केंद्र भी बंद पड़े हैं।

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भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश सिंह धाकड़ ने बताया कि बड़ी संख्या में किसानों की फार्मर आईडी अब तक नहीं बन पाई है। इसके चलते किसान ई-टोकन बुकिंग सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पटवारियों को गांव-गांव भेजकर फार्मर आईडी बनाने और किसानों की ई-टोकन प्रक्रिया में मदद करने के निर्देश दिए जाएं।

ज्ञापन में किसानों ने नामांतरण, फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और नाम सुधार जैसे राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण की भी मांग की। उनका कहना है कि कई मामलों में वर्षों से लंबित प्रकरणों के कारण किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों के भुगतान संबंधी समस्या भी उठाई। उनका आरोप है कि कुछ किसानों की राशि उनके खातों में पहुंचने के बजाय अन्य खातों में ट्रांसफर हो गई है। ऐसे मामलों की जांच कर पात्र किसानों को जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।

इसके अलावा बैराड़ तहसील के ग्राम खटका-आबादपुर में वर्ष 2002 में हरिजन और आदिवासी परिवारों को आवंटित किए गए पट्टों का लाभ दिलाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। किसानों ने लंबित सीमांकन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने और अवैध कब्जों को हटाकर पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की।

भारतीय किसान संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो संगठन बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कुलदीप गुप्ता की रिपोर्ट

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