भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने नगर निगम द्वारा आवासीय परिसरों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर जारी नोटिसों का विरोध किया है। चेंबर ने प्रदेश सरकार से फिलहाल दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने और मिक्स लैंड यूज़ नीति लागू करने की मांग की है।
चेंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि नया मास्टर प्लान अभी तक लागू नहीं हुआ है, जिसके कारण वर्षों से कई व्यापारी आवासीय परिसरों से अपने व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम द्वारा 10 दिनों के भीतर व्यवसाय बंद करने के लिए जारी किए गए नोटिस हजारों व्यापारियों और उनके कर्मचारियों की आजीविका पर संकट खड़ा कर सकते हैं। उनका तर्क है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के कारोबार बंद कराने का निर्णय व्यावहारिक नहीं है।
चेंबर ने सरकार से मांग की है कि स्थायी समाधान निकलने तक किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों पर मिक्स लैंड यूज़ नीति लागू कर व्यापारियों को राहत प्रदान की जाए।
व्यापारिक संगठन का कहना है कि इस मुद्दे का समाधान संवाद और व्यवहारिक नीति के माध्यम से निकाला जाना चाहिए, ताकि व्यापारियों और आम नागरिकों दोनों के हित सुरक्षित रह सकें। अब सभी की नजर प्रदेश सरकार के अगले फैसले पर टिकी है कि वह व्यापारियों की मांग पर क्या निर्णय लेती है।