नई दिल्ली : किसान संगठन और सरकार के बीच जारी 10वें दौर का वार्ता भी बेनतीजा रहा, जिसका कोई परिणाम नहीं निकल सका। इस दौरान सरकार ने किसानों को इन कानूनों पर 1 साल तक का निलंबन का प्रस्ताव रखा था, जिसे किसानों ने नामंजूर कर दिया।
आपको बता दें कि सरकार ने किसानों को प्रस्ताव दिया कि एक निश्चित समय के लिए कानून पर रोक लगा दी जाए और एक कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें सरकार और किसान दोनों हो, लेकिन किसान संगठन इस प्रस्ताव पर राजी नहीं हुए। साथ ही सरकार की ओर से ये भी अपील की गई कि इस प्रस्ताव के साथ-साथ आपको आंदोलन भी खत्म करना होगा।
वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने किसान ट्रैक्टर परेड का मामला दिल्ली पुलिस के पाले में डाला है। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के वकील, ए.पी. सिंह ने कहा किआज सुप्रीम कोर्ट ने 26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड को रोकने की याचिका पर कहा कि दिल्ली में क़ानून व्यवस्था बनाए रखना दिल्ली प्रशासन की ज़िम्मेदारी है। इसमें कोर्ट कुछ नहीं कर सकता।