1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. शर्मनाक : पिता की मौत के बाद भी अस्पताल ने नहीं दिया बेटे को शव, 10 दिन तक करना पड़ा इंतजार…

शर्मनाक : पिता की मौत के बाद भी अस्पताल ने नहीं दिया बेटे को शव, 10 दिन तक करना पड़ा इंतजार…

By: Amit ranjan 
Updated:
शर्मनाक : पिता की मौत के बाद भी अस्पताल ने नहीं दिया बेटे को शव, 10 दिन तक करना पड़ा इंतजार…

नई दिल्ली : देश में जारी कोरोना संकट के बीच भी लगातार ऐसे कई खबरें सामने आ रहे है, जिसमें जमकर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही, असंवेदनहीनता और कालाबाजारी सामने आ रही है। चाहे वो ऑक्सीजन को लेकर हो, रेमीडिसिवर को लेकर हो, बेड को लेकर हो या डेड बॉडी को लेकर। हालांकि सरकार और प्रशासन लगातार उन अस्पतालों और अस्पतालिक प्रशासन पर कार्रवाई कर रहे है। इसके बावजूद भी ये सुधरने का नाम नहीं ले रहे। एक ऐसा ही असंवेदनशील मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आया है। यहां के एक अस्पताल ने एक नाबालिग को अपने पिता के शव के लिए 10 दिन तक इंतजार कराया।

मामला अलीगढ़ के दीनदयाल अस्पताल का है। यहां मरीज को कोरोना संक्रमित होने के चलते भर्ती कराया गया था। मरीज की मौत दो दिन बाद हो गई। लेकिन अस्पताल ने बेटे को यह कह कर शव देने से इनकार कर दिया कि वह नाबालिग है।

परिवार में पिता के अलावा बच्चे का कोई नहीं

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे ने बताया कि उसके परिवार में पिता के अलावा कोई नहीं था। उसने यह बात अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों को भी बताई। इसके बावजूद डॉक्टरों ने शव देने से इनकार कर दिया।

पुलिस के दखल के बाद मिला पिता का शव

बच्चे ने बताया कि उसने अपने पिता को बुखार और खांसी होने के बाद 21 अप्रैल को भर्ती कराया था। लेकिन 2 दिन बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जब उसने शव देने के लिए कहा तो अस्पताल ने यह कहकर लौटा दिया कि वह किसी को अपने साथ लेकर आए। बच्चे ने अस्पताल प्रशासन को बताया कि उसका कोई नहीं है। इसके बावजूद उसे शव नहीं दिया गया।

इसके बाद वह अपने पड़ोसी की मदद से पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने शव दिलाने में मदद की। बच्चे के पास अंतिम संस्कार के लिए भी पैसा नहीं था। इसके बाद एनजीओ की मदद से अंतिम संस्कार कराया गया। बता दें कि इससे पहले भी इस तरह के ऐसे कई मामले सामने आये है, जिसमें डेड बॉडी देने के नाम पर मनचाहा रूपया की मांग की गई, एंबुलेंस नहीं दिया गया तो ई-रिक्शा पर ही शव को ले जाने को मजबूर हुई मां, जैसे कई मामले सामने आ चुके है। फिर भी इस तरह की असंवेदनशील मामला कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...