नई दिल्ली : देश में जारी कोरोना संकट के बीच लगातार कई राज्यों से दिल को दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई है। अस्पताल से लेकर श्मशान और कब्रिस्तान तक लाशें बिछी हुई है। चारों तरफ रोने और चीखने की आवाज सामने आ रही है। वहीं कई बार इंसानियत को भी शर्मसार कर देने वाली और आत्मा को झकझोरने वाली वीडियो सामने आते है, जिसके बाद भी लोगों में इंसानियत नहीं जागती। एक ऐसा ही मामला पंजाब के जालंधर का है।
पंजाब की अमरिंदर सरकार लगातार अपने राज्य में अस्पताल सुविधा को लेकर लंबे-लंबे दावे करते रहे है और कहते है कि यहां के लोगों को कोई दिक्कत नहीं है। यहां रह रहें लोगों को हर सुविधा मुहैया कराई जाती है। लेकिन जब पंजाब के ही जालंधर जिले में 500 अस्पताल और 100 एंबुलेंस होने के बावजूद भी एक लाचार पिता को सुविधा नहीं मिली तो, इसने जहां पंजाब सरकार के नाकाम वादों के पोल खोल दी। वहीं इसने यहां रह रहें लोगों पर भी सवाल खड़ा किया, जिनमें इंसानियत थोड़ा भी नहीं है।
आपको बता दें कि जालंधर के रामनगर का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। इस तस्वीर में नजर आया की एक बुजुर्ग पिता अपने बेटे की लाश कंधे पर लेकर पैदल चला जा रहा है। अस्पताल में बेटे की मौत के बाद उसे शव को पैक करके दे दिया गया। पिता के पास लाश को किसी साधन से ले जाने के लिए रुपये नहीं थे। न ही उन्हें शव वाहन मिला। इसके बाद बुजुर्ग पिता ने बेटे की लाश को अपने कंधे पर रखा और पैदल ही चल दिया।
वीडियो में दिख रहा है कि बुजुर्ग कंधे पर शव रखकर चल रहा है और उसके पीछे एक और बच्चा चल रहा है। बुजुर्ग के कंधे से शव सरकता है तो पीछे चल रहा बच्चा बार-बार शव को संभालकर वापस कंधे की ओर खिसका देता है। बता दें कि जालंधर वह जिला है जहां 500 से ज्यादा अस्पताल हैं और 100 से ज्यादा ऐंबुलेंस का दावा किया जाता है। कई एनजीओ और सोशल वर्कर मदद कर रहे हैं मरीजों से लेकर शवों को लाने-ले जाने के लिए फ्री व्यवस्था कर रहे हैं लेकिन इस पिता को किसी ने सहारा नहीं दिया।
सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि बुजुर्ग कई किलोमीटर ऐसे ही बच्चे की शव लेकर सड़क पर पैदल चला। रास्ते में उन्हें सैकड़ों लोगों ने देखा। लोग कार से और अन्य वाहनों से वहां से निकल रहे थे लेकिन किसी ने भी उनकी मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया।