प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में कई समझौते हुए और देश की मौजूदा आर्थिक हालत के बारे में चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट को अनुमती मिली है। साथ ही तीन समझौते और एक एग्रीमेंट हुआ। इस बैठक में कैबिनेट ने अर्थव्यवस्था की रिकवरी पर संतोष जाहिर किया।
कैबिनेट की बैठक में हिमाचल के लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। यह 210 मेगावाट का प्रोजेक्ट 1810 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। इससे 775 करोड़ यूनिट बिजली हर साल मिलेगी। जावडेकर ने बताया कि यह सतलुज जल विद्युत निगम के मार्फत है। यह जल विद्युत और ट्रांसमिशन में है। इस प्रोजेक्ट में केंद्र और राज्य सरकार की मदद मिलेगी।
यह रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट है। जावडेकर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट से हिमाचल को 1140 करोड़ रुपये की बिजली मुफ्त मिलेगी। वही, जो प्रकल्प बाधित हैं, उन लोगों को दस साल के लिए हर एक परिवार को 100 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी।
#Cabinet approves ₹1810 crore Investment for 210 MW Luhri Stage-I Hydro Power Project located on river Satluj in Himachal Pradesh
The project will generate 758.20 million units of electricity annually#CabinetDecisions
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— PIB India (@PIB_India) November 4, 2020
जावडेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत और इजराइल के बीच स्वास्थ्य व दवा क्षेत्र में एक समझौता हुआ है। साथ ही भारत और इंग्लैंड के बीच भी स्वास्थ्य सेवा के बारे में एक समझौता हुआ है। इसके अलावा भारत और इंग्लैंड दूरसंचार और आईसीटी क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। उधर भारत और स्पेन के बीच वैज्ञानिक व तकनीकी सहयोग को लेकर एक समझौता हुआ है।
Union Cabinet approves Memorandum of Understanding between India and Israel on cooperation in the field of Health and Medicine.
— ANI (@ANI) November 4, 2020
कैबिनेट की बैठक में अर्थव्यवस्था की रिकवरी को लेकर संतोष जताया गया। जावडेकर ने बताया कि बिजली की मांग 12 फीसद बढ़ी है। हालांकि, अगस्त- अक्टूबर में खेती में अच्छी वर्षा के चलते ज्यादा बिजली खपत नहीं हुई और रेलवे ने भी पूरी तरह शुरू ना होने के कारण कम बिजली की खपत की। इसका अर्थ है कि उद्योगों से आई मांग के कारण बिजली की खपत में वृद्धि हुई है। साथ ही उन्होंने बताया कि अक्टूबर महीने में जीएसटी एक साल पहले की समान अवधि से अधिक एक लाख पांच हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुआ।
जावडेकर ने कहा कि एक तरह से सभी क्षेत्रों में सतत मांग का विकास नजर आ रहा है। उत्पादन के लिए इनपुट की खरीद भी बढ़ी है। सात ही स्टील व अन्य क्षेत्र में निर्यात व मांग बढ़ी है। उन्होंने बताया कि अकेले यूपीआई से डिजिटल ट्रांजेक्शन 200 करोड़ के पार चला गया है। रेलवे की माल ढुलाई से आय बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘दूसरी तिमाही की ग्रोथ भी बहुत अच्छी है। करीब सारी कंपनियों के तिमाही परिणामों में टर्नओवर व लाभ बढ़े हैं। एफडीआई भी बढ़ा है। अर्थव्यवस्था बहुत जल्द पटरी पर लौट रही है