ग्वालियर में पूर्व मुख्यमंत्री और संसदीय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने NEET परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक मामलों और आर्थिक नीतियों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि NEET परीक्षा अब शिक्षा का माध्यम न रहकर एक “व्यापार” बन चुकी है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनके अनुसार 22 लाख से अधिक विद्यार्थी इस अनियमितता की वजह से प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि 2017, 2021, 2024, 2025 और 2026 में भी NEET परीक्षा से जुड़ी अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हालिया मामले में पकड़े गए आरोपी के परिवार के सदस्य पहले भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पा चुके हैं, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल उठते हैं।
दिग्विजय सिंह ने बताया कि संसद की स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने NEET परीक्षा में सुधार के लिए दो विस्तृत रिपोर्ट और सुझाव दिए थे, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी टिप्पणी की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकार एक ओर जनता से सोना न खरीदने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सोने के आयात पर शुल्क बढ़ा रही है। उनके अनुसार इस नीति का सीधा असर छोटे सुनारों और कारीगरों की आजीविका पर पड़ रहा है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।