नई दिल्ली : तिहाड़ जेल में बंद एक कैदी के करोड़पति बनने के बाद एक्शन में आई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चेन्नई में छापेमारी कर करोड़ों का बंगला और 16 महंगी कारें जब्त की है। आपको बता दें कि इस कैदी पर जेल में बंद होने के बावजूद 200 करोड़ रुपये के उगाही के मामले सामने आया है। जिसे अंजाम दिया है तिहाड़ जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने।
आपको बता दें कि इस मामले में एजेंसी ने सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉल (Leena Maria Paul) से पूछताछ भी की। लीना मलयालम फिल्मों की हिरोइन हैं और हिंदी फिल्म ‘मद्रास कैफे’ में भी काम कर चुकी हैं।
ऐसे पकड़ा गया सुकेश चंद्रशेखर
ईडी मनी लॉड्रिंग मामले में किसी आरोपी की जांच कर रही थी, उसी दौरान कुछ फोन कॉल्स एजेंसी की पकड़ में आए। कॉल पर एक आदमी खुद को सरकारी अधिकारी बता जांच को खत्म करवाने की बात कर रहा था, जिसके बाद ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि जो फोन कॉल्स सरकारी अधिकारी के नाम से आ रही है वो दरअसल VoIP कॉल है, जिसे Spoof किया गया है। यानी नंबर किसका था ये पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन जांच जारी रखी और पता चला कि ये फोन कॉल्स दिल्ली की जेल में बंद एक शातिर अपराधी कर रहा है और अपराधी का नाम है सुकेश चंद्रशेखर। जो जयललिता की मौत के बाद AIADMK पार्टी का निशान चुनाव अधिकारियों को रिश्वत दे शशिकला को दिलाने की कोशिश के आरोप में रोहिणी जेल में बंद है।
जेल में छापेमारी के बाद बड़ा खुलासा
अपराधी का पता लगते ही ईडी (ED) ने सबसे पहले पीड़ित से बात कर मामला दर्ज करवाने के लिए कहा, क्योंकि इस तरह के मामलों की ईडी सीधे तौर पर जांच नहीं कर सकती। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) ने शिकायत मिलते ही तुरंत मामला दर्ज कर दीपक रामदानी और प्रदीप रामदानी को गिरफ्तार किया, जो सुकेश के लिए पैसे ले रहे थे और जेल में छापा मार कर दो मोबाइल जब्त किए, जिनके जरिए सुकेश फोन कर रहा था। सुकेश की जेल में मदद करने के आरोप में दो जेलकर्मी भी गिरफ्तार किए गए हैं।
जेल में बैठ काले धन को कर रहा था सफेद
चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद स्पेशल सेल ने ये मामले दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को दे दिया, क्योंकि जिस से 200 करोड़ रुपये की उगाही की गई थी, उससे जुड़े मामले की जांच दिल्ली पुलिस की EOW कर रही है। जांच में पता चला कि ये 200 करोड़ रुपये की रकम पिछले साल नवंबर में ही दे दी गई थी। ये सारे पैसे नकद दिए गए थे और कुछ पैसे दुबई और हॉन्गकॉन्ग में भी भिजवाए गए। सुकेश चंद्रशेखर इतना चालाक था कि जेल में बैठकर ही इस काले धन को सफेद करने में लगा था। उसने इस काम के लिए रत्नाकर बैंक लिमिटेड के वाइस प्रेजिडेंट कोमल पोद्दार की मदद ली और बदले में कमीशन दिया। बाद में ईडी ने कोमल पोद्दार को गिरफ्तार किया।
आलीशान बंगले में मिली कई लग्जरी चीजें
आपको बता दें कि सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrasekhar) ने इन 200 करोड़ से चेन्नई में समुद्र किनारे एक आलीशान बंगला लिया, जिसमें सभी चीजें लग्जरी थीं। इस घर में सुकेश की पत्नी लीना मारिया पॉल रहती थीं, जिससे पूछताछ की जा रही है। घर में एक होम थियेटर था, जिस पर नाम के इनिशियल बने हुए थे। खुद को रूस के राजा-रानी की तरह दिखाती हुई तस्वीर बनवा रखी थी और तमाम तरह की दूसरी महंगी चीजें घर से मिली हैं। एजेंसी के मुताबिक महंगे कपड़े और जूतों से लेकर हर चीज घर में मौजूद थी, जिसका इस्तेमाल सुकेश पैरोल पर आकर किया करता था।
2017 में गिरफ्तार हुआ था सुकेश चंद्रशेखर
जांच में एजेंसी को पता चला कि सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrasekhar) ने ठीक इसी तरह एक और आदमी से करोड़ों रुपये की उगाही कर रखी है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर फिर से जांच के लिए रिमांड पर लिया है। सुकेश चंद्रशेखर को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अप्रैल 2017 में गिरफ्तार किया था, जब AIADMK (Amma) पार्टी के ‘दो पत्ती’ निशान को शशिकला की पार्टी को 50 करोड़ में दिलाने की मदद की कोशिश की थी। गिरफ्तारी के समय पुलिस को 1.3 करोड़ रुपये नकद मिले थे, जो दिनाकरन ने सुकेश को पार्टी सिंबल दिलाने के नाम पर दिए थे। इस मामले मे दिल्ली पुलिस ने जुलाई 2017 में चार्जशीट भी दाखिल की थी।