नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस के दिन किसान नेताओं द्वारा दिल्ली पुलिस के साथ किये समझौते को तोड़ने को लेकर कम से कम 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें प्रमुख योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा और बलबीर एस. राजेवाल है। जिन्हें 3 दिनों के अंदर इस नोटिस का जवाब देना है। अगर वो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते हैं, तो आने वाले समय में उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि 26 जनवरी के दिन किसान नेताओं ने ट्रैक्टर रैली को लकर दिल्ली प्रशासन से रूट मांगी थी। जिसे लेकर दिल्ली पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से 100 कि.मी. की रेंज तक रैली निकालने की अनुमति दी थी। जिसका समय 12 से 5 निर्धारित किया गया था। लेकिन किसान नेताओं ने उन सभी शर्तों को दरकिनार कर अपनी मनमर्जी की और उन तमाम ससझौतों का माखौल बनाया, जो समझौता उन्होंने दिल्ली पुलिस के साथ की थी। इसी का नतीजा यह रहा कि गणतंत्र दिवस के दिन पूरा दिल्ली हिंसा की भीषण चपेट में रहा। जिसमें कई पुलिसकर्मी और जवान घायल हो गए। जिनका इलाज दिल्ली के अस्पताल में कराया जा रहा है।
आपको बता दें कि इसी घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज दिल्ली के दो अस्पतालों का दौरा करने वाले हैं, जहां 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों को भर्ती कराया गया है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जायेगा।