दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राजधानी की हवा को जहरीली गैसों से बचाने के लिए अब 1 नवंबर 2025 से केवल BS-VI मानक वाली कमर्शियल गाड़ियों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी। BS-IV, BS-V या पुराने उत्सर्जन मानकों वाली सभी वाणिज्यिक गाड़ियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के बाद जारी किया गया है, और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सरकार के अनुसार, BS-VI इंजन तकनीक पुराने इंजनों की तुलना में कई गुना स्वच्छ है और इससे निकलने वाले हानिकारक धुएं, गैसों और पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा बहुत कम होती है। इस तकनीक से नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और अन्य विषैली गैसों का उत्सर्जन घटता है, जिससे वायु की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राजधानी के पर्यावरणीय हालात में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव लाएगा।
दिल्ली सरकार ने कहा कि हर साल अक्टूबर से फरवरी के बीच वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। इसके पीछे कई कारण हैं पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक प्रदूषण और मौसम में ठहराव। ऐसे में सरकार ने इस बार शुरुआत से ही ठोस तैयारी की है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “दिल्ली की हवा दिल्लीवासियों की सेहत से जुड़ी है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि BS-VI नियम लागू करना केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है।
दिल्ली सरकार ने साथ ही आर्टिफिशियल रेन (कृत्रिम वर्षा) का भी प्लान तैयार किया है। मौसम विभाग और IIT कानपुर के वैज्ञानिकों की सहायता से यह प्रयोग किया जाएगा, ताकि हवा में फैले प्रदूषक तत्वों को बारिश के जरिए नीचे बैठाया जा सके। मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर को दिल्ली में पहली बार कृत्रिम बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली सरकार ने यह भी बताया कि कुछ आवश्यक सेवाओं की गाड़ियों जैसे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस वाहन और सरकारी आपूर्ति से जुड़ी गाड़ियां को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। हालांकि, निजी और पुरानी कमर्शियल गाड़ियों पर कोई रियायत नहीं होगी।
राजधानी के बॉर्डरों जैसे सिंघु, गाजीपुर, बदरपुर, टिकरी और आनंद विहार पर चेकिंग प्वाइंट्स बनाए जा रहे हैं। यहां केवल BS-VI मानक प्रमाणित वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
यह निर्णय दिल्ली सरकार की “क्लीन एयर मिशन दिल्ली 2025” योजना का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य अगले दो वर्षों में राजधानी की वायु गुणवत्ता को “बहुत खराब” श्रेणी से “मध्यम” स्तर तक लाना है।रेखा गुप्ता सरकार का यह फैसला न केवल प्रशासनिक दृष्टि से साहसिक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि अब प्रदूषण से समझौता नहीं होगा दिल्ली अब स्वच्छ हवा की राजधानी बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है।






