चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के बीच भारत ने भी कड़ा रूख अपना लिया है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बीच मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ अहम बैठक की है।
सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में चीन द्वारा लगातार माहौल खराब करने की कोशिश के बावजूद भारत लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी चीन-भारत सीमा के साथ रणनीतिक क्षेत्रों में बुनियादी ढ़ांचा विकास परियोजनाओं को नहीं रोकेगा।
इस बैठक में एलएसी के जमीनी हालात की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर विचार किया गया। रक्षा मंत्री ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों को साफ कहा है कि लद्दाख, सिक्किम, उत्तराखंड या अरूणाचल प्रदेश में एलएसी के पास किसी भी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की कोई आवश्यकता नहीं है।
जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवने रक्षा मंत्री को पूर्वी लद्दाख और एलएसी में तेजी से विकसित हो रही स्थिति के बारे में रोजाना जानकारी दे रहे है, जिसके बाद यह तय किया गया है कि भारत अपने इलाके में चीन की किसी भी तरह की गड़बड़ी पर कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा।